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आस्था और संकल्प का महासंगम: महिलाओं ने जानकी कुंड की परिक्रमा कर लिया जल संरक्षण का संकल्प; बोलीं- ‘अब देश के लिए पानी बचाएंगे’

नारी महाकुंभ का चौथा दिन: जल संरक्षण और राष्ट्रवाद को समर्पित रहा आयोजन

 

अद्भुत संयोग: कार्यक्रम के दौरान आया तेज तूफान, हनुमान चालीसा के सामूहिक पाठ से शांत हुई आंधी

 

जौनपुर, 13 जून।

जल संरक्षण से बड़ा कोई राष्ट्रवाद नहीं है। इसी संदेश के साथ जौनपुर के जलालपुर स्थित बड़कू हनुमान जी आश्रम (पुरेव) में चल रहे नौ दिवसीय ‘अंतरराष्ट्रीय नारी महाकुंभ’ का चौथा दिन पूरी तरह जल बचाने के संकल्प और राष्ट्रवाद के नाम रहा। विशाल भारत संस्थान और राज राजेश्वर ट्रस्ट द्वारा आयोजित इस महाकुंभ के चौथे दिन काशी के तीन वैदिक ब्राह्मणों (आचार्य कृष्ण कुमार दीक्षित, कमलेश दुबे और श्रीराम तिवारी) ने पूरे विधि-विधान से नव स्थापित जानकी कुंड की विशेष पूजा कराई।

​इसके बाद पीठाधीश्वर प्रभु रामदास जी महाराज और आरएसएस के वरिष्ठ प्रचारक हरिशंकर जी के नेतृत्व में पंडाल में मौजूद हजारों महिलाओं ने हाथ में जल लेकर सौगंध खाई। महिलाओं ने माता जानकी की कसम खाते हुए संकल्प लिया कि वे अब पानी की एक भी बूंद बर्बाद नहीं होने देंगी और अपने-अपने गांवों के जलाशयों की रक्षा खुद करेंगी।

‘जानकी टोली’ संभालेगी कमान, हर गांव में बनेगा एक जलाशय

गांवों से दूर होंगी कुप्रथाएं:

विशाल भारत संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राजीव श्रीगुरुजी ने महिलाओं को माता जानकी की सौगंध दिलाकर आह्वान किया कि अब गांवों की महिलाएं भी राष्ट्रवाद का झंडा बुलंद करेंगी। उन्होंने घोषणा की कि हर गांव में 20-20 महिलाओं की ‘जानकी टोली’ बनाई जा रही है। यह टोली न सिर्फ जल संरक्षण करेगी, बल्कि गांवों में फैली सामाजिक कुप्रथाओं के खिलाफ भी लड़ाई लड़ेगी।

आज का राष्ट्रवाद देश की जरूरतें बचाना:

संस्थान के यूपी प्रमुख नौशाद अहमद दुबे ने कहा कि नारी महाकुंभ ने पानी बचाने की मुहिम को एक बड़े सामाजिक आंदोलन में बदल दिया है। इस महाकुंभ में रोजाना 5 हजार से अधिक महिलाएं शामिल होकर राष्ट्र निर्माण की नई प्रेरणा ले रही हैं।

कथा में गूंजा जनकपुर का प्रसंग: जगद्गुरु बालकदेवाचार्य बोले- ‘माता जानकी जानती थीं पानी की कीमत’

​मातु जानकी कथा के दौरान सनातन धर्म सम्राट जगद्गुरु बालकदेवाचार्य जी महाराज ने महिलाओं को जनकपुर का प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा, “माता जानकी के जन्म से पहले उनका राज्य भीषण सूखे और अकाल से जूझ रहा था, इसलिए उन्हें पानी की एक-एक बूंद की कीमत पता थी। वे उच्च शिक्षित थीं और उन्हें वेदों का पूर्ण ज्ञान था। आज की महिलाओं को भी जानकी जी के रास्ते पर चलकर देश सेवा में अपनी भूमिका निभानी होगी।”

​मुख्य अतिथि आरएसएस के वरिष्ठ प्रचारक हरिशंकर जी ने कहा कि यह नारी महाकुंभ सिर्फ जौनपुर ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की नारी शक्ति को जागृत करने का काम करेगा।

चमत्कार या भक्ति की शक्ति! तूफान आया तो गूंजी हनुमान चालीसा, शांत हो गई आंधी

 

​दोपहर करीब 11:45 बजे महाकुंभ परिसर में अचानक एक बेहद तेज तूफान आया। तेज आंधी के कारण पंडाल और टेंट उड़ने लगे। ऐसा लग रहा था कि भारी बारिश के कारण कार्यक्रम रुक जाएगा। इसी बीच रामपंथ के पंथाचार्य डॉ. राजीव श्रीगुरुजी और प्रभु रामदास जी महाराज पंडाल से बाहर आए। उन्होंने इधर-उधर सुरक्षित स्थानों पर छुपी हजारों महिलाओं को एकजुट किया और एक सुर में हनुमान चालीसा व हनुमान मंत्रों का पाठ शुरू कर दिया। देखते ही देखते कुछ ही मिनटों में आंधी और पानी दोनों पूरी तरह शांत हो गए। वहां मौजूद हजारों श्रद्धालुओं ने इसे साक्षात ‘भक्ति की शक्ति’ और हनुमान जी की कृपा माना।

 

ये रहे प्रमुख रूप से उपस्थित:

इस ऐतिहासिक आयोजन को सफल बनाने में मुख्य रूप से महंत जगदीश्वर दास, डॉ. अर्चना भारतवंशी, डॉ. मृदुला जायसवाल, डॉ. नजमा परवीन, सीता देवी, डॉ. कवीन्द्र नारायण, शैलेंद्र शुक्ल, प्रोफेसर पंकज मिश्रा, संदीप मिश्रा, संजीव मिश्रा, डॉ. धनंजय यादव, ओबेदुल्ला दुबे और अशरफ दुबे ने सक्रिय सहयोग

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Author: fastblitz24

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