जौनपुर: सोमवार शाम को जौनपुर के मछलीशहर पड़ाव के पास खुले नाले में बहे एक युवक और एक युवती की तलाश में 24 घंटे से जारी रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद मंगलवार शाम को युवक का शव बरामद कर लिया गया है। वहीं, युवती की तलाश अब भी जारी है।

यह घटना सोमवार शाम की है, जब भारी बारिश के बाद मछलीशहर पड़ाव पर जलजमाव हो गया था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इसी दौरान प्राची मिश्रा नामक एक युवती सड़क किनारे खुले नाले में गिरकर बह गई। उसे बचाने के लिए कुल्हनामऊ गांव के ई-रिक्शा चालक शिवा गौतम ने अपनी जान की परवाह न करते हुए नाले में छलांग लगाई। दुर्भाग्यवश, नाले के पास बिजली के खंभे में फैले करंट की चपेट में आने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
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चर्चा है कि प्राची को बचाने के प्रयास में एक किशोर समीर भी बहा था। मंगलवार शाम को 24 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद समीर का शव नाले में फंसा हुआ मिला। पुलिस और प्रशासन ने तुरंत शव को एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेज दिया।
इस हादसे के बाद से ही जिला प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक की देखरेख में रातभर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। एनडीआरएफ सहित कई टीमें टॉर्च की रोशनी में नाले के हर हिस्से की छानबीन कर रही हैं। समीर का शव मिलने के बाद प्रशासन ने प्राची मिश्रा की तलाश का अभियान और तेज कर दिया है।
यह हादसा प्रशासन की लापरवाही पर कई सवाल खड़े करता है। बारिश से हुई इन मौतों का जिम्मेदार कौन है? क्या यह सिर्फ प्राकृतिक आपदा है या फिर खुले नाले और सड़कों पर फैले करंट जैसी प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा? हर साल करोड़ों रुपये की लागत से नालों की सफाई और मरम्मत के दावे किए जाते हैं, लेकिन बरसात होते ही इन दावों की पोल खुल जाती है। जनता अब सवाल कर रही है कि विकास के नाम पर खर्च हो रहे बजट के बावजूद सड़कों पर मौत के गड्ढे और खुले नाले क्यों मौजूद हैं?
Author: fastblitz24



