
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में 2021 में हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी, उनके बेटे आशीष मिश्रा और दो अन्य लोगों के खिलाफ नया मामला दर्ज किया है। उन पर केस से जुड़े एक गवाह को धमकाने का आरोप है। सुप्रीम कोर्ट ने अगस्त 2025 में यूपी पुलिस को गवाह की शिकायत पर ध्यान न देने के लिए फटकार लगाई थी। अब पुलिस ने इस पर एक्शन लेते हुए एफआईआर दर्ज कर ली है।


रिपोर्ट के अनुसार गवाह ने आरोप लगाया था कि अजय मिश्रा से जुड़े लोगों ने उसे कोर्ट में गवाही न देने की धमकी दी थी। इस मामले में शनिवार को पडुवा पुलिस स्टेशन में अजय मिश्रा, आशीष मिश्रा, अमनदीप सिंह और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ झूठी गवाही देने के लिए किसी व्यक्ति को धमकाना, आपराधिक धमकी और आपराधिक षड्यंत्र के तहत मामला दर्ज किया गया है।
शिकायतकर्ता बलजिंदर सिंह का दावा था कि वह घटना के वक्त उस जगह पर मौजूद थे, जहां किसानों पर गाड़ी चढ़ाई गई थी। मामले में पुलिस और मजिस्ट्रेट ने उनका बयान भी दर्ज किया था। बलजिंदर सिंह ने आरोप लगाया था कि जब वह अदालत में गवाही देने जाने वाले थे। तब 16 अगस्त, 2023 को अमनदीप सिंह और एक अन्य व्यक्ति जो कथित तौर पर अजय मिश्रा का करीबी है। उनके घर आए और उन पर गवाही न देने का दबाव डाला। उन्होंने कथित तौर पर गवाही ने देने के लिए पैसे भी ऑफर किए थे।
बलजिंदर ने यह भी दावा किया था कि उन्होंने अजय मिश्रा के लोगों के साथ बातचीत को अपने फोन पर रिकॉर्ड भी कर लिया था। यह रिकॉर्डिंग सुप्रीम कोर्ट में भी सुनाई गई थीए जिसके बाद कोर्ट ने इसकी जांच के आदेश दिए थे। बीबीसी के अनुसार बलजिंदर सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में हलफ़नामा देकर बताया कि उन्हें लगातार जान से मारने की धमकी और पैसे का लालच दिया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि वो इससे डर गए थे और पंजाब चले गए थे।
Author: fastblitz24



