कैसे काटी गई आपकी जेब?
‘शुभ मुहूर्त’ के नाम पर करोड़ों का विज्ञापन… क्या आप भी बन गए कंपनियों का आसान शिकार? जानिए विज्ञापनों के पीछे का असली सच!

हॉलमार्क के नाम पर धोखा और टांके की डकैती! Fast Blitz 24 दिखा रहा है कैसे ‘अक्षय बरकत’ के नाम पर आपको परोसा गया खोट वाला सोना।

जौनपुर | अक्षय तृतीया बीत चुकी है। कल के बाज़ारों में रौनक नहीं, बल्कि एक कृत्रिम ‘खरीदारी का तूफान’ था। शोरूमों के बाहर बिछे लाल कालीन, फूल-मालाएं, कानों में रस घोलता संगीत और ‘मुफ्त’ के नाश्ते-पानी के बीच अपनी गाढ़ी कमाई ‘शुभता’ के नाम पर निवेश कर आए। लेकिन आज जब बाजार की लाइटें बंद हो गई हैं और शोर थम गया है, तब जिन्होंने भी इस अवसर पर पूर्ण संचित करनेके लिएखरीदारी की है उन्हें एक ठंडे दिमाग से सोचने वाला सवाल शेष है— अक्षय फल किसे मिला? उस मध्यमवर्गीय परिवार को जो कर्ज की किस्तों के बोझ तले दब गया, या उन कॉर्पोरेट घरानों को जिन्होंने आपकी आस्था को ‘मार्केटिंग टूल’ बनाकर करोड़ों का मुनाफा कूटा?
अक्षय तृतीया पर आपने शुद्ध सोने की चमक देखकर लाखों रुपये लुटा दिए, लेकिन क्या आपको पता है कि उस चमक के पीछे ‘खोट’ का कितना गहरा काला बाज़ार छिपा है? Fast Blitz 24 आज उन सुनारों और बड़ी कंपनियों की पोल खोल रहा है जो ‘शुभ मुहूर्त’ की हड़बड़ी का फायदा उठाकर आपको शुद्धता के नाम पर मिलावट परोस रहे हैं।


हॉलमार्क का भ्रम और ‘टांके’ की डकैती!
ज्यादातर ग्राहक दुकान की सजावट और मीठी बातों में फंसकर ‘कैरेट’ का गणित भूल जाते हैं।
कैरेट का खेल: आपको 22 कैरेट का दाम बताकर कई बार 18 या 20 कैरेट का सोना थमा दिया जाता है।
टांके की लूट: आभूषण बनाने में इस्तेमाल होने वाले ‘टांके’ (Solder) के नाम पर शुद्ध सोने के वजन में भारी कटौती की जाती है, लेकिन जब आप उसे बेचने जाते हैं, तो वही सुनार उसे ‘कचरा’ बताकर भारी कटौती कर लेता है।
पत्थर और मोती का वजन: गहनों में जड़े रंग-बिरंगे पत्थरों और मोतियों को सोने के भाव तौला जाता है। यानी पत्थर की कीमत भी आप सोने के भाव चुकाते हैं, जो बाद में ‘जीरो’ हो जाती है।
लैब टेस्ट में फेल हो रही है आपकी ‘बरकत’
अक्षय तृतीया जैसे मौकों पर जब दुकानों में पैर रखने की जगह नहीं होती, तब क्वालिटी चेक के सारे दावे धरे के धरे रह जाते हैं। भीड़ का फायदा उठाकर पुराने स्टॉक और कम शुद्धता वाले गहने ‘नई डिजाइन’ बताकर खपा दिए जाते हैं। Fast Blitz 24 आपसे पूछता है— जिस हॉलमार्क पर आप भरोसा कर रहे हैं, क्या आपने उसे ‘BIS Care App’ पर वेरीफाई किया? या बस दुकानदार के भरोसे अपनी मेहनत की कमाई लुटा आए?
मिलावट का ‘अक्षय’ कारोबार
सोने में तांबा, जस्ता और कैडमियम की भारी मिलावट अब एक आम बात हो गई है। बड़े शोरूमों की चकाचौंध में हम भूल जाते हैं कि जितना ज्यादा ‘मेकिंग चार्ज’ पर डिस्काउंट मिलता है, उतनी ही ज्यादा मिलावट की आशंका बढ़ जाती है।
Fast Blitz 24 का कड़वा सच:
आपकी तिजोरी में रखा सोना अगर शुद्ध नहीं है, तो वह ‘अक्षय फल’ नहीं बल्कि एक ‘अक्षय धोखा’ है। जब ज़रूरत के वक्त आप इसे बेचने जाएंगे, तब सुनार की मशीन आपको बताएगी कि जिसे आप लक्ष्मी समझ रहे थे, वह तो मिट्टी के मोल है।
इससे कैसे बचें? (Fast Blitz टिप्स)
HUID नंबर चेक करें: सिर्फ हॉलमार्क का ठप्पा काफी नहीं, हर गहने पर 6 अंकों का यूनिक HUID नंबर देखें।
पक्का बिल ही लें: बिना GST बिल के सोना खरीदना खुद अपनी गर्दन लुटेरों के हाथ में देने जैसा है।
वजन का कांटा: पत्थर, मोती और धागे का वजन अलग से करवाएं और केवल शुद्ध सोने का पैसा दें।
ब्यूरो रिपोर्ट, Fast Blitz 24.
Author: fastblitz24


