बैंक मैनेजर के रवैये से नाराज किसान पहुंचा जनसुनवाई पोर्टल, जांच शुरू
लंभुआ (सुल्तानपुर): प्रतापपुर कमैचा विकास खंड अंतर्गत अमरूपुर स्थित ‘उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक’ की शाखा एक बार फिर विवादों के घेरे में है। सदरपुर गांव निवासी किसान सुनील कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल (IGRS) पर शिकायत दर्ज कराकर शाखा प्रबंधक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मामला शासन के संज्ञान में आने के बाद बैंकिंग हलकों में हड़कंप मच गया है।
मिनी नंदिनी योजना के तहत आवेदन का मामला
शिकायतकर्ता किसान के अनुसार, उन्होंने पशुपालन विभाग की ‘मिनी नंदिनी योजना’ के तहत ऋण के लिए आवेदन किया था। योजना के अनुसार बैंक से आवश्यक सहमति पत्र (Consent Letter) प्राप्त करने के लिए वे कई दिनों तक शाखा के चक्कर काटते रहे। आरोप है कि शाखा प्रबंधक ने न केवल उनके साथ अभद्र व्यवहार किया, बल्कि बिना किसी ठोस कारण और बिना सिबिल (CIBIL) जांच कराए ही उनका ऋण आवेदन निरस्त कर दिया। किसान सुनील कुमार सिंह का कहना है कि उनका खाता उक्त बैंक शाखा में पिछले पांच वर्षों से अधिक समय से सुचारू रूप से संचालित है। इसके बावजूद उनका आवेदन खारिज कर दिया गया।
‘खर्चा’ न देने पर अपमानित करने का आरोप
जनसुनवाई पोर्टल पर दर्ज शिकायत (संख्या: 40017926033310) में किसान ने आरोप लगाया कि बैंक में विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत मिलने वाले सब्सिडी युक्त ऋणों में अवैध रूप से ‘खर्चा’ (रिश्वत) की मांग की जाती है। जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो शाखा प्रबंधक ने कथित तौर पर अमर्यादित भाषा का प्रयोग करते हुए उन्हें अपमानित कर बैंक से भगा दिया। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि बैंक में आने वाले अन्य ग्रामीण ग्राहकों और किसानों के साथ भी शाखा प्रबंधक का रवैया सहयोगात्मक नहीं रहता है। पीड़ित किसान ने मामले की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कड़ा एक्शन लेने की मांग की है।
जांच के आदेश, वित्त विभाग के संज्ञान में मामला
मुख्यमंत्री पोर्टल पर मामला दर्ज होते ही यह प्रकरण वित्त विभाग और उच्च अधिकारियों के संज्ञान में आ गया है। मामले की विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। हालांकि, आरोपों की सत्यता जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।




