जौनपुर (ब्यूरो): वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में एक बार फिर अनुशासन और सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं। परिसर में छात्रा को मोबाइल पर अनाप-शनाप मैसेज भेजने और उसे प्रताड़ित करने के मामले में पुलिस ने कड़ा एक्शन लेते हुए एक आरोपी को हिरासत में ले लिया है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने सहायक कुल सचिव बबिता सिंह को जांच की कमान सौंपी है।

क्या है पूरा मामला?


मिली जानकारी के अनुसार, विश्वविद्यालय में कार्यरत आउटसोर्सिंग कर्मचारी पिछले कई दिनों से एक छात्रा को मोबाइल पर मैसेज भेजकर और फोन कॉल के जरिए परेशान कर रहा था। आरोपी की हिमाकत इतनी बढ़ गई थी कि वह किसी न किसी बहाने छात्रा के हॉस्टल तक भी पहुंच जाता था।
छात्रा ने हिम्मत दिखाते हुए इस पूरी प्रताड़ना की लिखित शिकायत विश्वविद्यालय के अधिकारियों से की। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत पुलिस को सूचित किया, जिसके बाद आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
जांच के घेरे में कई और कर्मचारी
सूत्रों की मानें तो इस घृणित कार्य में केवल एक व्यक्ति ही नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय के कुछ अन्य कर्मचारियों के भी शामिल होने की आशंका है। पुलिस उन सभी संदिग्धों को रडार पर ले चुकी है।
- मुख्य जांचकर्ता: सहायक कुल सचिव बबिता सिंह।
- पुलिसिया कार्रवाई: आरोपी से कड़ी पूछताछ जारी, जल्द हो सकती हैं अन्य गिरफ्तारियां।
पुराने जख्म फिर हुए हरे: नहीं थम रहा कर्मचारियों का दुस्साहस
यह पहली बार नहीं है जब पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कर्मचारियों पर छात्राओं के साथ अभद्रता के आरोप लगे हों। गौरतलब है कि पिछले दिनों श्वविद्यालय परिसर में उस समय हड़कंप मच गया था जब एक छात्रा ने तीन कर्मचारियों के खिलाफ छेड़खानी और प्रताड़ना का मामला दर्ज कराया था। उस घटना के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे किए थे, लेकिन ताजा मामले ने उन दावों की पोल खोलकर रख दी है। सवाल यह उठता है कि आखिर आउटसोर्सिंग के नाम पर रखे गए इन कर्मचारियों का साहस इतना कैसे बढ़ जाता है कि वे हॉस्टल तक धमकने लगते हैं?
अधिकारियों का पक्ष:
“छात्राओं की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। बबिता सिंह जी मामले की तह तक जा रही हैं। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे न केवल नौकरी से निकाला जाएगा बल्कि कड़ी कानूनी कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।”
फास्ट ब्लिट्ज नजर: क्या प्रशासन अब सीसीटीवी और सख्त निगरानी के जरिए ऐसे ‘मजनुओं’ पर नकेल कसेगा या फिर हर बार की तरह जांच के नाम पर केवल खानापूर्ति होगी? फिलहाल, छात्राएं सहमी हुई हैं और सख्त न्याय की उम्मीद कर रही हैं।
Author: fastblitz24



