जौनपुर। अरावली पर्वत शृंखला और पर्यावरण पर बढ़ते संकट को लेकर विज्ञान संगठन- ब्रेकथ्रू साइंस सोसाइटी ने 24 दिसम्बर को बदलापुर में इन्दिरा चौक पर पोस्टर प्रदर्शन आयोजित किया। प्रदर्शन के पहले बरौली (सुल्तानपुर रोड) से इन्दिरा चौक तक सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने जुलूस निकाला है।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए ब्रेकथ्रू साइंस सोसाइटी की अंकिता मौर्य ने कहा कि उद्योगपतियों के हित स्वार्थ में वनभूमि, जल निकायों, पहाड़ियों और अन्य पर्यावरणीय संसाधनों के निरंतर विनाश से लोगों में चिंता व्याप्त है। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने पर्यावरण मंत्रालय की एक सिफारिश को स्वीकार करते हुए अरावली में केवल 100 मीटर से ऊपर की ऊंचाई के भू-आकृतियों को अरावली पहाड़ियों के रूप में माना है। इससे पर्वत श्रृंखला के अस्तित्व के लिए खतरा पैदा हो गया है और खनन माफिया व अतिक्रमण के लिए लूट का द्वार खोल दिया गया है।


गुजरात से हरियाणा और दिल्ली तक 700 किलोमीटर तक फैली अरावली पहाड़ियाँ न केवल दुनिया की सबसे पुरानी पर्वत श्रृंखलाओं में से एक है और समृद्ध जैव विविधता का घर है, बल्कि पूरे उत्तरी भारत की जीवन-क्षमता की रक्षा के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण और अत्यधिक संवेदनशील पारिस्थितिक भूमिका निभाती है। अवैध खनन, अचल संपत्ति के अतिक्रमण और विभिन्न सरकारों के नासमझ विकास प्रयासों के कारण पहाड़ियाँ पहले से ही बहुत क्षतिग्रस्त हैं। वर्तमान निर्णय समग्र रूप से अरावली पारिस्थितिकी तंत्र की पहचान करने में विफल रहा है, तथा कुछ अस्थायी निषेधात्मक उपायों को शामिल करने के नाम पर इसकी लूट और लूट को बढ़ावा दिया गया है, जिससे करोड़ों की नाजुक जीवन स्थितियों को खतरा पैदा हो गया है।

इससे पारिस्थितिकी तंत्र को मात्र संख्याओं के आधार पर मापने की एक खतरनाक मिसाल भी कायम हुई। आज अभूतपूर्व प्रदूषण स्तर, चरम एवं अप्रत्याशित मौसम की स्थिति तथा बार-बार होने वाली प्राकृतिक आपदाएं सामान्य बात हो गई हैं। करोड़ों आदिवासियों का वन क्षेत्र और प्राकृतिक आवास तेजी से कम हो रहे हैं, हिमालय क्षेत्र खतरनाक रूप से अस्थिर हो गया है, नदी प्रणाली जो देश की पारिस्थितिक जीवन रेखा है, पहले से ही इतनी क्षतिग्रस्त हो चुकी है कि उसकी मरम्मत नहीं की जा सकती, और यह सब कॉर्पोरेट शार्कों को अपना राजस्व बढ़ाने में सक्षम बनाने के लिए किया जा रहा है।
यह देखकर खुशी हो रही है कि लाखों आम लोग अरावली की सुरक्षा के लिए आवाज उठाने के लिए आगे आ रहे हैं। विज्ञान संगठन- ब्रेकथ्रू साइंस सोसाइटी लड़ने वाले लोगों के प्रति दृढ़ एकजुटता व्यक्त करता है, और छात्रों, युवाओं और सभी नेक इरादे वाले लोगों से हमारे देश में शेष पारिस्थितिकी तंत्र और जैव विविधता को बचाने के लिए मजबूत प्रतिरोध बनाने का आह्वान करता है। इस अवसर पर अंकित, आशीष, रईस, जितेन्द्र, शनि, कोमल, नेहा, किरन, संतोष, अजय, राज सहित कई छात्र छात्रायें मौजूद रहे।
Author: fastblitz24


