खुलासा: सुल्तानपुर और घोरहा नहर के पास बनाते थे बंधक
भैंस और JCB दिलाने के नाम पर सोरांव, मिर्जापुर के व्यापारियों से पीटा और वसूले लाखों रुपए
13-13 मुकदमों वाले अपराधियों का जौनपुर पुलिस ने किया गेम ओवर।
जौनपुर |


जौनपुर की सिकरारा और सुजानगंज पुलिस की संयुक्त टीम ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म (OLX और Animal App) के जरिए ठगी और किडनैपिंग करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गैंग का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने घोरहा नहर पुलिया के पास घेराबंदी कर दो बेहद शातिर और खूंखार अपराधियों को दबोचा है। ये अपराधी ऐप पर सस्ती JCB मशीन और दुधारू भैंस बेचने का लालच देकर दूसरे जिलों के व्यापारियों को सुनसान जगहों पर बुलाते थे, फिर उन्हें बंधक बनाकर बेरहमी से पीटते थे और गनपॉइंट पर लाखों रुपए ऑनलाइन व कैश ट्रांसफर करवा लेते थे।


गिरफ्तार आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल की जाने वाली एक रॉयल एनफील्ड बुलेट मोटरसाइकिल और तीन एंड्रॉइड मोबाइल फोन बरामद हुए हैं।
खौफनाक पैटर्न: मिर्जापुर और प्रयागराज के व्यापारियों को ऐसे बनाया शिकार
इस गैंग ने पिछले कुछ महीनों में जौनपुर और आसपास के इलाकों में आतंक मचा रखा था। पुलिस ने इनके तीन बड़े कारनामों का खुलासा किया है:
- केस 1 (प्रयागराज के नौशाद से ₹1.93 लाख लूटे): सोरांव (प्रयागराज) के मोहम्मद नौशाद ने एनिमल ऐप पर भैंस का विज्ञापन देखा था। आरोपियों ने उन्हें नौपेड़वा बुलाया और बंधक बनाकर मारपीट की। नौशाद से 93 हजार कैश और ₹1 लाख फोन-पे के जरिए जबरन ट्रांसफर करवा लिए।
- केस 2 (मिर्जापुर के किसान सिंह को ट्यूबवेल पर किया बंद, ₹12 लाख की डकैती): मिर्जापुर के किसान सिंह को सोनपुरा में सस्ती JCB दिखाने के बहाने बुलाया गया। वहां कुंदन, आदित्य, अमन और ‘रावण’ जैसे गुर्गों ने उन्हें ट्यूबवेल पर बंधक बना लिया। आरोपियों ने ₹2 लाख कैश, मोबाइल, ₹6 लाख ऑनलाइन और ₹4 लाख का चेक (कुल 12 लाख) लूट लिया और अगले दिन मड़ियाहूं के पास अधमरा छोड़कर भाग गए।
- केस 3 (चंद्रशेखर और दीपकुमार से ₹1.41 लाख की ऑनलाइन रंगदारी): मीरजापुर के ही दीपकुमार सिंह और चंद्रशेखर कुशवाहा को सुल्तानपुर गांव के बाहर सुनसान जगह पर बुलाकर बंधक बनाया गया और मारपीट कर उनके मोबाइल से ₹1.41 लाख ऑनलाइन ट्रांसफर करा लिए गए।
पकड़े गए अपराधियों की कुंडली: जितेन्द्र पर 13 और अलीम पर 12 संगीन केस दर्ज
पकड़े गए दोनों आरोपी पेशेवर अपराधी हैं और इन पर गैंगस्टर व गुंडा एक्ट पहले से लागू है।
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अपराधी का नाम व पता |
आपराधिक इतिहास (Main Highlights) |
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1. जितेन्द्र यादव (उम्र 31 वर्ष) निवासी: धरौली, आसपुर देवसरा, प्रतापगढ़ |
13 गंभीर मुकदमे: इसके खिलाफ जौनपुर और प्रतापगढ़ में लूट, डकैती, जबरन वसूली, धोखाधड़ी, आर्म्स एक्ट और यूपी गैंगस्टर एक्ट के तहत मामले दर्ज हैं। |
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2. मो. अलीम (उम्र 27 वर्ष) निवासी: रानीमऊ, खेतासराय, जौनपुर |
12 गंभीर मुकदमे: यह शातिर अपराधी गौ-हत्या निवारण अधिनियम, पशु क्रूरता, पुलिस पर जानलेवा हमला (धारा 307) और यूपी गुंडा एक्ट का हिस्ट्रीशीटर है। |
मुखबिर की सटीक सूचना पर घोरहा नहर के पास घेराबंदी
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) जौनपुर के निर्देश पर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे सघन अभियान के तहत सिकरारा प्रभारी निरीक्षक विश्वनाथ प्रताप सिंह और सुजानगंज थानाध्यक्ष अमित कुमार पाण्डेय की संयुक्त टीम ने जाल बिछाया था। मुखबिर की सटीक सूचना पर घोरहा नहर पुलिया के पास से इन दोनों को दबोच लिया गया। पुलिस अब इनके गैंग के अन्य सदस्यों (रावण, प्रिंस, बाबा आदि) की तलाश में दबिश दे रही है।
शिकार करने वाली जांबाज पुलिस टीम:
इस बड़े ऑपरेशन को अंजाम देने में प्रभारी निरीक्षक विश्वनाथ प्रताप सिंह, थानाध्यक्ष अमित कुमार पाण्डेय, उ.नि. श्रीधर शुक्ला, हे.कां. मानस तिवारी, हे.कां. दिनेश सरोज और कांस्टेबल संदीप, संजय सिंह, संजय यादव व अनिल कुमार गौड़ की मुख्य भूमिका रही।
Author: fastblitz24



