जौनपुर। उत्तर प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) समाज के साथ हो रहे कथित अत्याचारों, हिंसा और संवैधानिक अधिकारों के हनन के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी के पिछड़ा वर्ग विभाग ने मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को कलेक्ट्रेट परिसर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को संबोधित एक ज्ञापन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को सौंपा और प्रदेश में ओबीसी वर्ग की सुरक्षा की गुहार लगाई।
ज्ञापन का नेतृत्व कर रहे जिला कांग्रेस कमेटी के पिछड़ा वर्ग विभाग के जिलाध्यक्ष संजय माली ने प्रदेश की सत्तासीन भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा:
“वर्ष 2017 में भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद से राज्य में सामंतवादी प्रवृत्तियों को खुला संरक्षण मिला है। इसके परिणामस्वरूप ओबीसी वर्ग पर अत्याचार, फर्जी मुठभेड़, हिरासत में मौतें और हत्या की घटनाओं में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है।”माली ने आगे कहा कि हिंदुत्व के नाम पर ओबीसी समाज को लंबे समय से गुमराह किया गया है। शासन-प्रशासन के दोहरे रवैये के कारण आज यह समाज खुद को ठगा हुआ और असुरक्षित महसूस कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश का शायद ही कोई ऐसा जिला बचा हो, जहाँ ओबीसी वर्ग की विभिन्न जातियों के साथ अन्याय या हिंसा की खबरें न आई हों।
ज्ञापन के माध्यम से कांग्रेस पिछड़ा वर्ग विभाग ने महामहिम राष्ट्रपति से निम्नलिखित प्रमुख मांगें कीं:
तत्काल संज्ञान: उत्तर प्रदेश में ओबीसी समाज के खिलाफ हो रहे कथित अन्याय, शोषण और हिंसा की घटनाओं पर राष्ट्रपति स्वयं संज्ञान लें।
प्रशासनिक निर्देश: राज्य के शासन-प्रशासन को कड़े निर्देश जारी किए जाएं ताकि ओबीसी समाज के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा और सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
न्याय की गारंटी: पीड़ित परिवारों को त्वरित और निष्पक्ष न्याय दिलाया जाए।




