अहमद खां मंडी में बिजली बॉक्स बना ‘काल’, विभाग की सुस्ती पर उठे गंभीर सवाल
सुरक्षा के नाम पर सिर्फ कागजी खानापूर्ति
जौनपुर। शहर के लाइन बाजार थाना अंतर्गत अहमद खां मंडी इलाके में बिजली विभाग की घोर लापरवाही से दो बेजुबान जानवरों की तड़प-तड़प कर मौत हो गई। डॉक्टर सुभाष सिंह के पार्थ हॉस्पिटल के पीछे स्थित बिजली के एक बॉक्स में उतरे करंट ने इन मासूमों की जान ले ली। इस घटना ने एक बार फिर बिजली विभाग की कार्यप्रणाली को कठघरे में खड़ा कर दिया है।

तस्वीरें डरावनी हैं और विभाग के दावे खोखले। बरसात के इस मौसम में खुले बिजली के बॉक्स और जर्जर तार किसी बड़े हादसे को न्यौता दे रहे हैं।


बीते हादसों से भी नहीं जागी ‘कुंभकर्णी’ नींद
ऐसा नहीं है कि जौनपुर में बिजली के करंट से मौत का यह पहला मामला है। पिछले वर्ष मछली शहर पड़ाव पर हुई हृदयविदारक घटना को शहरवासी अभी भूले भी नहीं हैं, जहाँ भारी बारिश के दौरान खुले नाले के पास लगे बिजली के खंभे से करंट उतरने के कारण तीन युवाओं की मौत हो गई थी। तब उस समय आनन-फानन में बिजली के खंभों और अंडरग्राउंड सप्लाई यूनिटों पर पन्नी और प्लास्टिक लपेटकर विभाग ने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया था। ऐसा लग रहा है कि बिजली विभाग ने उस त्रासदी से कोई सबक नहीं लिया।
एसडीओ का बेतुका बयान: जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने की कोशिश
घटना के बाद बिजली विभाग के एसडीओ ने बड़े ही सादे शब्दों में कहा, “हम लोगों ने सभी बॉक्सों की टेस्टिंग शुरू कर दी है, लोग बरसात में बिजली उपकरणों से दूरी बनाए रखें।” सवाल यह है कि यदि विभाग ‘टेस्टिंग’ कर रहा था, तो फिर खुले बॉक्स से करंट कैसे उतरा? जनता को सतर्क रहने की सलाह देने वाले विभाग ने खुद सुरक्षा के इंतजाम क्यों नहीं किए? बरसात शुरू होने से पहले कोई ठोस तैयारी न करना विभाग की लापरवाही को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।
क्या विभाग को है बड़ी दुर्घटना का इंतज़ार?
अहमद खां मंडी की यह घटना भविष्य में होने वाली किसी बड़ी अनहोनी का स्पष्ट संकेत है। अगर समय रहते बिजली के इन ‘मौत के बॉक्स’ को दुरुस्त नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में यह करंट किसी इंसान को भी अपनी चपेट में ले सकता है। सिर्फ अपील जारी कर देना या ‘दूरी बनाए रखने’ की सलाह दे देना विभाग की विफलता को छिपाने का एक तरीका मात्र है।
क्या जिला प्रशासन और विद्युत विभाग के उच्च अधिकारी किसी बड़ी जनहानि के बाद ही जागेंगे? जौनपुर की जनता अब सिर्फ अपील नहीं, ठोस सुरक्षा और जवाबदेही चाहती है।
Author: fastblitz24


