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मछलीशहर में न्याय ठप, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट और उपजिलाधिकारी (न्यायिक) न्यायालयों का पाँच दिनों से बहिष्कार जारी

जौनपुरमछलीशहर में न्यायपालिका से जुड़ा एक बड़ा गतिरोध सामने आया है। यहां के ज्वाइंट मजिस्ट्रेट और उपजिलाधिकारी (न्यायिक) के न्यायालयों का न्यायिक कार्य पिछले पांच दिनों से पूरी तरह से ठप पड़ा है। अधिवक्ताओं द्वारा अपनी मांगों को लेकर यह बहिष्कार जारी है, जिससे न्याय के लिए आने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अधिवक्ताओं ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर असंतोष व्यक्त करते हुए यह कदम उठाया है।

 

मछलीशहर में 11 जून से शुरू हुआ यह न्यायिक बहिष्कार सोमवार को भी जारी रहा, जिसने स्थानीय प्रशासन और आम जनता के लिए चिंता का विषय बन गया है। अधिवक्ताओं का आरोप है कि ज्वाइंट मजिस्ट्रेट और उपजिलाधिकारी (न्यायिक) की कार्यप्रणाली संतोषजनक नहीं है, जिससे न्यायिक प्रक्रिया में बाधा आ रही है। इस गंभीर स्थिति के समाधान के लिए, सोमवार को अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष हुबेदार पटेल की अध्यक्षता में एक साधारण सभा की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट द्वारा भेजे गए वार्ता प्रस्ताव पर विचार-विमर्श किया गया।

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                बैठक में लंबी चर्चा के बाद, अधिवक्ता संघ ने वार्ता प्रस्ताव पर सहमति व्यक्त की। यह निर्णय लिया गया कि मंगलवार को दोनों अधिकारियों के साथ इस मुद्दे पर विस्तृत बातचीत की जाएगी। अधिवक्ता संघ ने इस बैठक के लिए एक एजेंडा भी तय किया है, जिसमें उनकी मुख्य शिकायतें और मांगों को शामिल किया गया है। महामंत्री नंदलाल यादव ने बैठक का संचालन किया, जिसमें दिनेश चंद्र सिन्हा, केदार नाथ यादव, हरि नायक तिवारी, सतीश कुमार, इंदू प्रकाश सिंह, आलोक विश्वकर्मा, राम आसरे द्विवेदी, राज कुमार पटवा, बाबू राम, हरि शंकर यादव, कुंवर भारत सिंह, प्रेम बिहारी यादव, वीरेंद्र मौर्य, रमेश चंद्र, कमलेश कुमार, अभिषेक सिंह सहित कई अन्य अधिवक्तागण उपस्थित रहे। इस वार्ता से उम्मीद है कि न्यायिक बहिष्कार जल्द समाप्त होगा और न्यायालयों में सामान्य कामकाज बहाल हो पाएगा।

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Author: fastblitz24

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