
19 फरवरी मंगलवार से इस्लाम का पवित्र महीना रमजान शुरू है। रमजान का पवित्र महीना 17 फरवरी से शुरू होकर 19 मार्च को खत्म होगा। उसके बाद ईद उल फित्र मनाया जाएगा। इस्लाम में रमजान का यह महीना काफी पुराना है। इस्लामिक मान्यताओं के अनुसार हज़रत ईसा अलैहिस्सलाम यानी यीशु रोजा रखकर आसमानी किताब इंजील को पढते थें। इंजील को वह इबादत के दौरान रोजा उपवास रखकर पढा करते थें। इन्हें ईसाई लोग भी मानते हैं और रोजा भी रखते हैं। अब बात करें पैगंबर अलैहिस्सलाम की तो वह रोजा रखकर तौरात नामक पवित्र ग्रंथ का अध्ययन और पाठ करते थे। यह किताब उन पर अवतरित की गई थी, जिसे यहूदी धर्म में तोराह और इस्लामी परंपरा में आसमानी किताब के रूप में माना जाता है, जिसमें ईश्वर के निर्देश शामिल थे। इस्लामिक पैगंबर दाऊद अलैहिस्सलाम रोजे के दौरान ज़बूर किताब पढकर अल्लाह की इबादत करते थें। आखिंर पैगंबर हजरत मोहम्मद स.व रोजे के दौरान कुरान में अल्लाह की इबादत करते थें। अब बात करें दाऊद अलैहिस्सलाम की तो वह रोजे के दौरान ज़बूर नामक किताब को पढकर एक अल्लाह की ईबादत करते थें। हालांकि इस्लाम में इन चारों को किताबों को पवित्र किताब के नाम से जाना जाता है। दाऊद अलैहिस्सलाम को ईसाई, मुस्लमान और यहूदी अलग अलग तरीके से अपना आदर्श मानते हैं। आने वाले इस रमजान के महीने में लोग ईबादत के साथ साथ गरीब, यतिम बच्चों के लिए ईफ्तार का आयोजन करते हैं। आने वाले पवित्र महीने रमजान को लेकर तैय्यारियां शुरू हो चुकी है। लोग साफ सफाई में जुट गयें हैं।


Author: fastblitz24



