
दिल्ली. धमाके में मरने वालों की संख्या बढ़कर 12 हो गई है। इनमें 2 महिलाएं भी शामिल हैं। 30 घायलों का इलाज चल रहा है। दो शवों की पहचान हो गई है। बाकी की पहचान DNA टेस्ट से की जाएगी। सोमवार शाम 6.52 बजे लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 के पास चलती कार में जोरदार धमाका हुआ। ब्लास्ट में जिस सफेद कार का इस्तेमाल हुआ, उसका एक CCTV फुटेज मंगलवार को सामने आया। उसके DNA टेस्ट के लिए कश्मीर पुलिस ने पुलवामा में उसकी मां और दो भाई को हिरासत में लिया है। पुलिस को शुरुआती जांच से पता चला है कि विस्फोट में अमोनियम नाइट्रेट, फ्यूल और डेटोनेटर का इस्तेमाल किया गया।


पुलिस सूत्रों के मुताबिक, डॉ. उमर या तो किसी का इंतजार कर रहा था या फिर पार्किंग में किसी निर्देश का इंतजार में था। दावा यह भी है कि उमर फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल का हिस्सा था। दिल्ली पुलिस ने विस्फोट को लेकर UAPA के तहत FIR दर्ज की है। सुरक्षा एजेंसियों ने आत्मघाती हमले के एंगल से भी जांच शुरू कर दी है। हालांकि मौके से आरडीएक्स के सबूत नहीं मिले हैं।
एक अधिकारी ने बताया कि घायलों के शरीर पर छर्रे या स्प्लिंटर की चोटें नहीं हैं, जो आमतौर पर बम धमाके में मिलती हैं। वहीं, शवों की जांच करने वाले एलएनजेपी अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि आमतौर पर आईईडी विस्फोट में मृतकों के शरीर काले पड़ जाते हैं, लेकिन इस धमाके में ऐसा नहीं दिखा है।
Author: fastblitz24



