Ease of Doing Business के विपरीत DTAB की सिफारिशें,

ONDLS पोर्टल पर वेयरहाउस लाइसेंस की सुविधा शुरू करने की मांग


जौनपुर।
दवा कारोबार से जुड़े संगठनों ने थोक दवा लाइसेंस की नई व्यवस्था पर कड़ा एतराज जताया है। केमिस्ट एंड फार्मेसी वेलफेयर एसोसिएशन, जौनपुर ने केंद्र सरकार की Ease of Doing Business नीति के विपरीत ड्रग टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड (DTAB) की सिफारिशों को दवा व्यापार के लिए घातक बताते हुए इन्हें वापस लेने या सरल बनाने की मांग की है।
एसोसिएशन के महामंत्री राजेंद्र निगम ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को भेजे पत्र में कहा है कि थोक दवा लाइसेंस में “सक्षम व्यक्ति” की नई प्रक्रिया अत्यधिक जटिल और अव्यावहारिक है। उनका कहना है कि एक ओर केंद्र सरकार व्यापार सुगमता के लिए नियमों को सरल कर रही है, वहीं दूसरी ओर DTAB की सिफारिशें थोक दवा कारोबारियों पर अतिरिक्त बोझ डालने का काम कर रही हैं। इससे ईमानदार दवा व्यापारियों में रोष और असमंजस की स्थिति है।
पत्र में ऑनलाइन दवा लाइसेंस पोर्टल ONDLS की खामियों की ओर भी ध्यान दिलाया गया है। महामंत्री ने लिखा है कि मौजूदा पोर्टल पर दवा गोदाम (वेयरहाउस) के नए लाइसेंस जारी करने और पुराने लाइसेंसों के नवीनीकरण की सुविधा ही उपलब्ध नहीं है। इससे वैध भंडारण व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं, समय पर नवीनीकरण न होने से दवाओं की निर्बाध आपूर्ति प्रभावित हो रही है और विभागीय कार्यवाही के नाम पर अनावश्यक दबाव की आशंका बनी रहती है।
एसोसिएशन ने मांग की है कि DTAB की सिफारिशों की पुनर्समीक्षा कर उन्हें अधिक सरल, व्यवहारिक और जमीन से जुड़ा बनाया जाए, ताकि वास्तविक दवा व्यापारियों को राहत मिल सके। साथ ही, ONDLS पोर्टल पर दवा गोदाम लाइसेंस से जुड़े सभी कार्य—नए लाइसेंस और नवीनीकरण—तुरंत शुरू किए जाएं। जब तक यह सुविधा ऑनलाइन शुरू नहीं हो जाती, तब तक अंतरिम दिशा‑निर्देश जारी कर राज्य और जिला स्तरीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए जाएं कि वैध दवा व्यापारियों का उत्पीड़न न हो और उन पर औचक कार्रवाई के नाम पर दबाव न बनाया जाए।
राजेंद्र निगम ने साफ कहा है कि गोदाम लाइसेंस के नाम पर दवा व्यापारियों का किसी भी तरह का शोषण अस्वीकार्य है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार दवा कारोबार की संवेदनशीलता, जीवन रक्षक दवाओं की समय पर उपलब्धता और आम जनता के हित को ध्यान में रखते हुए इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करेगी और आवश्यक कदम उठाएगी।
एसोसिएशन की ओर से यह पत्र न सिर्फ केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री, बल्कि प्रधानमंत्री, ड्रग कंट्रोलर ऑफ इंडिया, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और DTAB के अध्यक्ष को भी भेजा गया है, ताकि सभी स्तरों पर समस्या का संज्ञान लेकर आवश्यक सुधारात्मक और ठोस कार्रवाई की जा सके।
Author: fastblitz24



