Fastblitz 24

जौनपुर से टीबी के ‘डेथ वारंट’ पर दस्तखत: खेल मंत्री की हुंकार- ‘अब बीमारी की खैर नहीं, हर नागरिक उतरे मैदान में!’

१०० दिन का महा-चक्रव्यूह तैयार

गिरीश चन्द्र यादव ने फूका रणशंख, स्वास्थ्य के मैदान पर इस बार टीबी को ‘क्लीन बोल्ड’ करने का महासंकल्प

जौनपुर: राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत जौनपुर में १०० दिवसीय सघन टीबी मुक्त भारत अभियान का भव्य आगाज़ हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि, खेल एवं युवा कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), माननीय गिरीश चन्द्र यादव ने जनता से इस स्वास्थ्य ‘महायुद्ध’ में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की मार्मिक अपील की। उन्होंने कहा कि जिस तरह खेल में एकजुट होकर टीम जीतती है, उसी तरह समाज के हर वर्ग के सहयोग से ही हम टीबी जैसी गंभीर बीमारी को जौनपुर और देश से जड़ से उखाड़ फेंकेंगे।

फ़ास्ट ब्लिट्ज 24 की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, इस अभियान का उद्देश्य न केवल टीबी रोगियों की पहचान करना है, बल्कि उन्हें गुणवत्तापूर्ण उपचार और सामाजिक सहयोग भी प्रदान करना है। १०० दिनों तक चलने वाला यह अभियान एक ‘मिशन’ के रूप में संचालित होगा, जिसमें स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर टीबी के प्रति जागरूकता फैलाएंगे और संदिग्ध मरीजों की जांच सुनिश्चित करेंगे। मंत्री जी ने जोर देकर कहा कि “स्वस्थ भारत” ही “समर्थ भारत” का आधार है, और इसमें युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

​इस महत्वपूर्ण अवसर पर कार्यक्रम समन्वयक डॉ. सुशील अग्रहरी, सुरेंद्र निषाद, राजीव कुमार सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित रहे। डॉ. अग्रहरी ने अभियान की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि सरकारी तंत्र पूरी तरह से तैयार है, लेकिन इसे सफल बनाने के लिए समुदाय की भागीदारी अनिवार्य है।

अभियान का मूल मंत्र: पहचान, उपचार और सहयोग

​यह १०० दिवसीय अभियान मुख्य रूप से तीन स्तंभों पर टिका है:

  1. सघन पहचान: स्वास्थ्य टीमों द्वारा लक्षित समुदायों में व्यापक सर्वेक्षण और संदिग्ध मरीजों की शीघ्र जांच।
  2. गुणवत्तापूर्ण उपचार: सभी पहचाने गए टीबी रोगियों को मुफ्त, नियमित और पूर्ण उपचार की उपलब्धता सुनिश्चित करना।
  3. सामाजिक सहयोग (निक्षय मित्र): टीबी रोगियों को पोषण और भावनात्मक सहयोग प्रदान करने के लिए समुदाय को ‘निक्षय मित्र’ के रूप में जोड़ना।

खेल मंत्री की अपील का असर:

​माननीय गिरीश चन्द्र यादव की अपील का व्यापक असर होने की उम्मीद है। उन्होंने खेल और युवा कल्याण के माध्यम से युवाओं को संदेश दिया कि वे न केवल अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें, बल्कि टीबी मुक्त भारत अभियान के राजदूत बनकर समाज में जागरूकता फैलाएं। उनकी यह अपील जौनपुर के हर नागरिक को एक स्वास्थ्य सैनिक के रूप में कार्य करने के लिए प्रेरित करेगी।

​यह अभियान केवल स्वास्थ्य विभाग का नहीं, बल्कि हर एक जौनपुरवासी का अभियान है। आइए, खेल मंत्री की अपील को सार्थक बनाएं और एकजुट होकर टीबी को हराने का संकल्प लें।

fastblitz24
Author: fastblitz24

Spread the love

यह भी पढ़ें

टॉप स्टोरीज