लघु शोध मूल्यांकन विवाद: पूर्वांचल विश्वविद्यालय पहुंचे शिक्षक, जांच कराने और कार्रवाई करने की मांग की
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में मंगलवार को उस समय सरगर्मी बढ़ गई, जब उत्तर प्रदेश स्ववित्तपोषित महाविद्यालय शिक्षक एसोसिएशन के बैनर तले शिक्षकों के एक बड़े समूह ने कुलपति से मुलाकात की। शिक्षकों ने कुलपति को एक ज्ञापन सौंपकर महाविद्यालय के प्रबंधकों द्वारा शिक्षकों पर लगाए गए वसूली और शोषण के आरोपों को पूरी तरह निराधार, झूठा और दुर्भावना से प्रेरित बताया।

दुर्भावना से प्रेरित हैं प्रबंधकों के आरोप: डॉ. निलेश सिंह
एसोसिएशन के महामंत्री डॉ. निलेश कुमार सिंह ने शिक्षकों की अगुवाई करते हुए कुलपति को वस्तुस्थिति से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि हाल ही में महाविद्यालय के प्रबंधकों द्वारा लघु शोध (माइनर रिसर्च) के मूल्यांकन के संबंध में बाह्य परीक्षकों (एक्सटर्नल एग्जामिनर्स) पर अवैध वसूली और मानसिक शोषण का गंभीर आरोप लगाया गया था। डॉ. सिंह ने स्पष्ट किया कि यह आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं और शिक्षकों की छवि को धूमिल करने के उद्देश्य से लगाए गए हैं।


मूल्यांकन व्यवस्था में बदलाव और जांच की मांग
ज्ञापन के माध्यम से शिक्षकों ने कुलपति के सामने अपनी प्रमुख मांगें रखीं:
- आरोपों की निष्पक्ष जांच: प्रबंधकों द्वारा लगाए गए आरोपों की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए ताकि सच सामने आ सके।
- मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता: पहले लघु शोध का मूल्यांकन महाविद्यालय के आंतरिक परीक्षकों द्वारा किया जाता था, जिसके लिए 40 रुपये की धनराशि निर्धारित थी। अब इस व्यवस्था में बदलाव किया गया है, जिसकी समीक्षा होनी चाहिए।
- समय सीमा का निर्धारण: सभी कॉलेजों से लघु शोध की कॉपियां या रिपोर्ट केवल एक सप्ताह के भीतर विश्वविद्यालय में जमा कराई जाएं।
- प्रबंधकों को चेतावनी: विश्वविद्यालय प्रशासन प्रबंधकों को सख्त हिदायत दे कि वे भविष्य में किसी भी शिक्षक पर बिना किसी तथ्य या प्रमाण के ऐसे निराधार आरोप न लगाएं।
ये शिक्षक रहे मौजूद
इस अवसर पर शिक्षकों ने एकजुटता दिखाते हुए अपनी मांगों को पुरजोर तरीके से उठाया। कुलपति को ज्ञापन सौंपने के दौरान एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. प्रभाकर सिंह, उपाध्यक्ष डॉ. अमित कुमार सिंह, डॉ. सलीम खान, डॉ. संगीता सिंह, डॉ. पिंटू गुप्ता, डॉ. स्वाति श्रीवास्तव, डॉ. सुधा सिंह, डॉ. राजेश श्रीवास्तव, डॉ. बिंदु सिंह, डॉ. आजाद सिंह और डॉ. सीमा सिंह सहित भारी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे।
Author: fastblitz24



