
तेहरान. अमेरिका और ईरान में युद्ध का खतरा बढ़ता जा रहा है। हालांकि, इस युद्ध को अमेरिका के लिए आसान नहीं माना जा रहा है। ईरान ने दशकों से लगे प्रतिबंध के बावजूद अपनी सैन्य शक्ति में जबरदस्त इजाफा किया है। वर्तमान में ईरान के पास मिसाइलों और ड्रोन की एक बड़ी फौज है, जो न सिर्फ अमेरिका, बल्कि इजरायल को भी चुनौती देने की ताकत रखती है। ईरान ने पिछले साल इजरायल के खिलाफ जवाबी हमले के दौरान अपनी सैन्य ताकत का प्रदर्शन भी किया था। ईरान ने यह हमला तब किया था, जब इजरायल और अमेरिका दोनों ने दावा किया था कि उन्होंने ईरानी एयर डिफेंस, मिसाइल फैक्ट्री औ परमाणु फैसिलिटी को तबाह कर दिया है।


ज्योग्राफिक फैक्टर्स जो ईरान के पक्ष में.
ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य के बहुत पास है, जो दुनिया की तेल सप्लाई के लिए एक जरूरी रास्ता है। दुनिया की लगभग पांचवीं आबादी की तेल की ज़रूरतें होर्मुज स्ट्रेट से होकर गुजरती हैं। UAE, सऊदी अरब, कतर, कुवैत और इराक जैसे देश भी तेल और गैस की सप्लाई के लिए काफी हद तक होर्मुज जलडमरूमध्य पर निर्भर हैं। ऐसे में अगर युद्ध होता है तो ईरान आसानी से होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर सकता है। ईरान ने पहले भी कई बार होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की धमकी देता रहा है। ईरान इसके लिए क्रूज मिसाइलों, पनडुब्बी के खिलाफ इस्तेमाल होने वाली समुद्री बारूदी सुरंगों, तटीय रक्षा प्रणाली और स्पीड बोट हमलों का इस्तेमाल कर सकता है।
ईरान का मिलिट्री हथियार”
ईरान का सबसे बड़ा मिलिट्री हथियार उसकी मिसाइल और ड्रोन क्षमता हैं। ईरान के पास लंबी दूरी के ड्रोन के अलावा बैलिस्टिक और हाइपरसोनिक मिसाइलों का भी एक बड़ा जखीरा है। इजरायल के साथ 12 दिन की लड़ाई के दौरान, ईरान ने 500 से ज्यादा मिसाइलें दागीं, जिनमें से कई इजरायल के एडवांस्ड, मल्टीलेयर्ड एयर डिफेंस सिस्टम को बायपास करके लक्ष्य पर जा गिरी थीं।
अमेरिकी मिलिट्री बेस पर हमले का डर”
ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर उस पर हमला होता है तो वह मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमला कर सकता है। मध्य पूर्व में अमेरिका के पास 18 सैन्य अड्डे हैं, जिनमें 40000 से ज्यादा सैनिक तैनात हैं। UN वेपन्स इंस्पेक्टर और US मरीन कॉर्प्स इंटेलिजेंस ऑफिसर रहे स्कॉट रिटर ने चेतावनी दी है कि “ईरान के पास जब चाहे इस इलाके का एनर्जी प्रोडक्शन बंद करने की काबिलियत है। ईरान U.S. मिलिट्री बेस को बहुत ज़्यादा नुकसान पहुंचा सकता है, जिससे सैकड़ों या हजारों अमेरिकी सैनिक मारे जा सकते हैं। और ईरान इजरायल पर बड़े हमले कर सकता है जिससे उसकी जिंदा रहने की काबिलियत कमजोर हो जाएगी और लाखों लोगों के लिए जमीन रहने लायक नहीं रहेगी।”
Author: fastblitz24



