नई दिल्ली: देश के 79वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित किया। अपने 12 साल के सबसे लंबे भाषण में, पीएम मोदी ने ‘नया भारत’ की थीम पर ‘विकसित भारत’ के निर्माण के लिए एक विस्तृत रोडमैप पेश किया। इस दौरान उन्होंने कई बड़ी घोषणाएं कीं, जिसमें ‘डबल दिवाली’ का वादा और युवाओं के लिए एक लाख करोड़ रुपये की योजना शामिल है।

प्रधानमंत्री के भाषण का एक बड़ा हिस्सा राष्ट्रीय सुरक्षा पर केंद्रित रहा। उन्होंने हाल ही में पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जिक्र किया, जिसमें 26 नागरिक मारे गए थे। पीएम मोदी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर इस हमले से उपजे देश के गुस्से की अभिव्यक्ति थी। उन्होंने बताया कि भारतीय सेना को जवाबी कार्रवाई की पूरी आजादी दी गई थी, जिसके परिणामस्वरूप पाकिस्तान के अंदर सैकड़ों किलोमीटर दूर मौजूद आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया गया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत पाकिस्तान की ‘परमाणु ब्लैकमेलिंग’ को बर्दाश्त नहीं करेगा और ‘खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते’।
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आर्थिक मोर्चे पर, पीएम मोदी ने राष्ट्र को ‘डबल दिवाली’ का तोहफा देने का वादा किया। उन्होंने अगली पीढ़ी के GST सुधारों और युवाओं के लिए प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना की घोषणा की। एक लाख करोड़ रुपये की यह योजना 3.5 करोड़ से अधिक युवाओं को लाभ पहुंचाएगी। प्रधानमंत्री ने देश की मजबूत आर्थिक प्रगति पर भी जोर दिया, और कहा कि भारत जल्द ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है। उन्होंने नागरिकों से ‘स्वदेशी’ और ‘लोकल फॉर वोकल’ को अपनाने का आग्रह करते हुए कहा कि “आत्मनिर्भरता ही सच्ची आजादी है”।
पीएम मोदी के भाषण ने कुछ राजनीतिक विवादों को भी जन्म दिया। तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने प्रधानमंत्री की ‘घुसपैठियों’ वाली टिप्पणी की आलोचना करते हुए उन पर ‘आंदोलनजीवियों’ के बाद एक नया ‘दुश्मन’ गढ़ने का आरोप लगाया। दूसरी ओर, कांग्रेस नेता राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे लाल किले पर आयोजित समारोह में अनुपस्थित रहे, जिसकी भाजपा ने कड़ी निंदा की। तमिलनाडु में मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने भी राज्यपाल के स्वतंत्रता दिवस समारोह का बहिष्कार करने की घोषणा की।
Author: fastblitz24



