पुरानी बहालियों और नई सुविधाओं पर जमी बर्फ पिघली, मुस्कुराते हुए निकले पदाधिकारी।
जौनपुर/लखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय कर्मचारी महासंघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने लखनऊ स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। इस दौरान पदाधिकारियों ने प्रदेश के विश्वविद्यालयों में कार्यरत कर्मचारियों की लंबित समस्याओं को लेकर एक मांग पत्र सौंपा और उनके जल्द समाधान की अपील की।
विनियमितीकरण और कैशलेस सुविधा पर जोर
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ के अध्यक्ष एवं महासंघ के महामंत्री नन्दकिशोर सिंह तथा महासंघ के अध्यक्ष संजय शुक्ला ने मुख्यमंत्री को कर्मचारियों की प्रमुख समस्याओं से अवगत कराया। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य रूप से वर्ष 2001 के बाद नियुक्त संविदा एवं तदर्थ कर्मचारियों के विनियमितीकरण की मांग रखी। इसके साथ ही, कर्मचारियों के लिए अवकाश नकदीकरण (Leave Encasement) की व्यवस्था को पुनः बहाल करने और पूरे प्रदेश में कर्मचारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा व्यवस्था लागू करने जैसे जनहित के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
इन प्रमुख मांगों पर रहा ध्यान:

संविदा कर्मियों का भविष्य: 2001 के बाद नियुक्त कर्मचारियों को स्थाई करने की प्रक्रिया शुरू हो।


भत्ता बहाली: रोके गए अवकाश नकदीकरण की सुविधा को दोबारा लागू किया जाए।
स्वास्थ्य सुरक्षा: सरकारी कर्मचारियों की भांति विश्वविद्यालय कर्मियों को भी कैशलेस इलाज मिले।
त्वरित निस्तारण: वर्षों से लंबित अन्य प्रशासनिक समस्याओं का समयबद्ध समाधान हो।
मुख्यमंत्री का मिला आश्वासन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और आश्वस्त किया कि सरकार कर्मचारियों के हितों के प्रति संवेदनशील है। उन्होंने जायज मांगों पर विचार कर उनके उचित निदान का भरोसा दिया। इस अवसर पर पूर्वांचल विश्वविद्यालय कर्मचारी संघ के पूर्व महामंत्री रमेश यादव भी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
”हमने मुख्यमंत्री जी को विश्वविद्यालय कर्मचारियों की बुनियादी समस्याओं और उनकी जायज मांगों से अवगत कराया है। मुख्यमंत्री जी का सकारात्मक रुख रहा और उन्होंने समस्याओं के समाधान का भरोसा दिलाया है।” >
— नन्दकिशोर सिंह, महामंत्री, उ.प्र. राज्य विश्वविद्यालय कर्मचारी महासंघ।
Author: fastblitz24



