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UPI यूजर्स ध्यान दें! क्या सच में लगेगा चार्ज? अफवाहों पर लगा ब्रेक, PCI ने साफ की पूरी तस्वीर

आपके जेब पर नहीं पड़ेगा एक भी पैसे का असर: पेमेंट काउंसिल ऑफ इंडिया (PCI) ने किया स्पष्ट

 

 

छोटे दुकानदारों और किराना स्टोरों के लिए भी UPI रहेगा पूरी तरह मुफ़्त

​चर्चाओं और अफवाहों के बीच जानिए क्या है UPI के खर्च और सुरक्षा का असली सच

नई दिल्ली : पिछले कुछ दिनों से UPI और उस पर लगने वाले चार्जेज को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं और अफवाहें बाजार में तैर रही थीं। आम जनता से लेकर छोटे व्यापारियों तक हर कोई इस उलझन में था कि क्या अब ऑनलाइन पेमेंट करने पर जेब ढीली करनी पड़ेगी? लेकिन अब इस पूरे मामले पर देश की प्रमुख डिजिटल संस्था पेमेंट काउंसिल ऑफ इंडिया (PCI) ने सामने आकर स्थिति पूरी तरह साफ कर दी है।

 

PCI ने सोशल मीडिया पर स्पष्टीकरण जारी करते हुए लोगों के मन में उठ रहे सभी सवालों के जवाब दिए हैं।

​1. आम जनता के लिए मुफ़्त था, मुफ़्त है और मुफ़्त ही रहेगा

​सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि आम ग्राहकों को UPI इस्तेमाल करने के लिए एक भी पैसा नहीं देना होगा। साल 2016 में जब से UPI शुरू हुआ है, तब से लेकर आज तक यह मुफ़्त है। देश का कोई भी नागरिक बिना किसी एक्स्ट्रा चार्ज के चुटकियों में लेन-देन कर सकता है।

​2. छोटे दुकानदारों और किराना स्टोर्स पर भी कोई बोझ नहीं

​अक्सर अफवाह फैलती है कि छोटे दुकानदारों से मर्चेंट चार्ज (MDR) वसूला जाएगा। PCI ने साफ किया है कि छोटे कारोबारियों को UPI पेमेंट लेने पर कोई शुल्क नहीं देना होगा। देश के कोने-कोने में स्थित छोटे किराना दुकानदारों को डिजिटल व्यवस्था से जोड़े रखना ही इस पूरे सिस्टम का मुख्य मकसद है।

फिर आखिर चार्जेज को लेकर बहस क्यों छिड़ी है?

​दरअसल, UPI अब सिर्फ एक पेमेंट ऐप नहीं रहा, बल्कि यह दुनिया का सबसे बड़ा रियल-टाइम पेमेंट सिस्टम बन चुका है। हर महीने अरबों रुपये का लेन-देन इस प्लेटफॉर्म से होता है।

​इतने बड़े सिस्टम को 24 घंटे बिना किसी रुकावट के चलाने, साइबर सुरक्षा

 

(Cybersecurity), फ्रॉड रोकने और नई तकनीक लाने में करोड़ों रुपये का खर्च आता है। यही वजह है कि इस पूरे इंफ्रास्ट्रक्चर को लंबे समय तक सुरक्षित और मजबूत बनाए रखने के लिए बैंकों और पेमेंट सर्विस प्रदाताओं के बीच चर्चा चल रही है।

 

कौन उठा रहा है इस पूरे सिस्टम का खर्च?

 

​पिछले 10 सालों से बैंक, फिनटेक कंपनियां, RBI और NPCI मिलकर इस सिस्टम को मजबूत बनाने के लिए लगातार पैसा लगा रहे हैं। PCI के मुताबिक, बड़े मर्चेंट्स (व्यापारियों) और पेमेंट कंपनियों के बीच जो भी व्यावसायिक लेन-देन होता है, उसका असर आम ग्राहक की जेब पर कभी नहीं पड़ेगा।

​Fastblitz24 की सलाह: सोशल मीडिया पर फैल रही आधी-अधूरी और भ्रामक खबरों पर ध्यान न दें। आपका पसंदीदा UPI पेमेंट सिस्टम पहले की तरह ही आपके लिए पूरी तरह सुरक्षित और मुफ़्त है!

Fast Blitz 24
Author: Fast Blitz 24

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