
ईरान पर हमले की तैयारी के लिए मिडिल ईस्ट की तरफ बढ़ रहे अमेरिका के सबसे आधुनिक एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस गेराल्ड आर फोर्ड के सामने एक अजीबोगरीब चुनौती खड़ी हो गई है. दुनिया के इस सबसे महंगे और हाईटेक विमान वाहक युद्धपोत पर तैनात करीब 4000 से अधिक सैनिक इन दिनों बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे हैं. जहाज पर लगा आधुनिक सीवेज सिस्टम पूरी तरह चोक हो गया है जिसके कारण सैनिकों के सामने शौच का बड़ा संकट पैदा हो गया है. हालत इतनी खराब हो चुकी है कि नौसैनिकों को शौचालय जाने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है जिसका सीधा असर उनकी सेहत और मानसिक स्थिति पर पड़ रहा है.


करीब 13 अरब डॉलर यानी भारतीय रुपयों में 1.18 लाख करोड़ की भारी भरकम लागत से बने इस जहाज को अमेरिकी नौसेना की सबसे बड़ी ताकत माना जाता है. 4,600 नाविकों की क्षमता वाले इस युद्धपोत में वैक्यूम कलेक्शन और होल्डिंग सिस्टम लगाया गया है जो कम पानी के इस्तेमाल से सफाई करता है. मगर अब यही सिस्टम इस आलीशान जहाज की सबसे बड़ी कमजोरी बन गया है. भारी भरकम बजट खर्च करने के बावजूद जहाज का सीवेज सिस्टम बार-बार फेल हो रहा है. यह विडंबना ही है कि जो जहाज अपनी मिसाइलों से किसी देश को तबाह करने की ताकत रखता है वह अपने क्रू को बुनियादी स्वच्छता तक नहीं दे पा रहा है.
Author: fastblitz24



