Fastblitz 24

खाकी को खुली चुनौती: मर्डर के 2 दिन बाद भी ‘आजाद’ हैं 25 हजारी कातिल, जौनपुर पुलिस के हाथ अब भी खाली!

पुलिस की नाक के नीचे से फरार हुए हत्यारे!

 

 

 

क्या सिर्फ ‘शरणदाताओं’ को पकड़कर अपनी नाकामी छुपा रही खेतासराय पुलिस?

 

48 घंटे बीते, दहशत में इलाका: आखिर कब तक सलाखों के पीछे होंगे दुस्साहसी अपराधी?

खेतासराय (जौनपुर)। जौनपुर में कानून व्यवस्था के दावों की हवा निकलती नजर आ रही है। सनसनीखेज हत्याकांड को अंजाम देने वाले शातिर अपराधी पुलिस की आंखों में धूल झोंककर फरार हैं और ‘खाकी’ अपनी नाकामी छुपाने के लिए केवल मददगारों की गिरफ्तारी का शोर मचा रही है। हत्या के 48 घंटे बीत जाने के बाद भी मुख्य आरोपी पुलिस की पहुंच से कोसों दूर हैं, जबकि इलाके में दहशत का माहौल बरकरार है।

मददगारों की फौज गिरफ्तार, पर ‘असली कातिल’ कहां?

​खेतासराय पुलिस ने सोंगर मोड़ के पास कब्रिस्तान के पास घेराबंदी कर उन 8 लोगों को धर दबोचा है, जो ₹25,000-25,000 के इनामी हत्यारोपियों को पनाह दे रहे थे। पुलिस का दावा है कि ये लोग न सिर्फ अपराधियों को छुपा रहे थे, बल्कि उन्हें पुलिस की रडार से दूर भगाने में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे थे।

​पकड़े गए इन ‘शरणदाताओं’ के खिलाफ मु.अ.सं. 91/2026 के तहत गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है, लेकिन सवाल वही है— इनामी हत्यारे कब तक सलाखों के पीछे होंगे?

गिरफ्तार किए गए मददगारों की कुंडली:

​पुलिस ने जिन 8 गुर्गों को जेल भेजा है, उनके नाम इस प्रकार हैं:

  1. रामजीत विन्द (मनेछा)
  2. आदित्य गौतम (यूनुसपुर)
  3. कमलेश यादव (सोधी)
  4. गुलशन राजभर (तरसांवा)
  5. साहिल राजभर (तरसांवा)
  6. सचिन राजभर (तरसांवा)
  7. शोले राजभर (जपटापुर)
  8. बृजमोहन विन्द (सन्दहा)

प्रेस नोट बनाम हकीकत

​थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार सिंह की टीम ने भारी भरकम पुलिस बल के साथ इन गिरफ्तारियों को अंजाम दिया है। कागजों पर कार्रवाई दुरुस्त दिख रही है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि हत्या जैसे जघन्य अपराध को अंजाम देने वाले मुख्य आरोपी अब भी आजाद घूम रहे हैं। धारा 103(1) BNS (हत्या) के इन वांछित आरोपियों का न मिलना पुलिस की इंटेलिजेंस और कार्यप्रणाली पर गहरा सवालिया निशान लगाता है।

बड़ा सवाल: क्या पुलिस केवल छोटे प्यादों को पकड़कर अपनी जिम्मेदारी की इतिश्री कर रही है? अगर इनामी अपराधी जिले की सीमा लांघ गए, तो इसका जवाबदेह कौन होगा?

 

पुलिस टीम में शामिल: थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार सिंह, व.उ.नि. मो. तारिक अंसारी, उ.नि. संजय कुमार पाण्डेय समेत भारी संख्या में हेड कांस्टेबल और आरक्षी शामिल रहे।

जनता अब केवल एक ही खबर का इंतजार कर रही है— ‘कातिलों की गिरफ्तारी’!

fastblitz24
Author: fastblitz24

Spread the love

यह भी पढ़ें

टॉप स्टोरीज