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खाकी का तगड़ा ‘एक्शन’, फिर भी सुलगती रही चिंगारी! ₹1 लाख के इनामी रवि यादव के एनकाउंटर के बाद जौनपुर में भारी बवाल का साया!

पोस्टमार्टम हाउस पर अपनों की जिद के आगे अड़ा प्रशासन: ‘गांव नहीं जाएगा शव, सीधे रामघाट चलो’…

चक्का जाम की आशंका से सहमे अफसर, संगीनों के साये में हुआ अंतिम संस्कार!

​           जौनपुर:सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के बहुचर्चित दूल्हे आजाद बिंद हत्याकांड के मुख्य आरोपी और ₹1 लाख के इनामी बदमाश रवि यादव के एनकाउंटर के बाद सोमवार को पूरे जिले में सरगर्मी और तनाव का माहौल चरम पर रहा। सिद्दीकपुर स्थित आधुनिक चीरघर (पोस्टमार्टम हाउस) उस समय छावनी में तब्दील हो गया, जब कड़ी सुरक्षा के बीच शव का पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद शव को पैतृक गांव ले जाने की मांग पर अड़े परिजनों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई। चक्का जाम और नए बवाल की आशंका को भांपते हुए प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया और परिजनों की मांग को दरकिनार कर शव को सीधे रामघाट भिजवाकर अंतिम संस्कार करा दिया।

शव गांव ले जाने की जिद पर अड़े परिजन, पुलिस ने फेरा पानी

​पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी होते ही माहौल अचानक गरमा गया। मृतक रवि यादव के परिजनों ने प्रशासन से शव को सोंधी गांव ले जाने की मांग की। उनका तर्क था कि उनके परिवार के लोग अंतिम संस्कार खुटहन के पिलकिछा घाट पर करते हैं, इसलिए शव को घर ले जाना जरूरी है। लेकिन खुफिया इनपुट और चक्का जाम की आशंका को देखते हुए पुलिस ने रिस्क लेने से साफ मना कर दिया। कुछ देर के लिए मौके पर भारी तनाव की स्थिति बन गई, मगर पुलिस की तत्परता और अफसरों की मान-मनौव्वल के बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया। थानाध्यक्ष अमरेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि कानून-व्यवस्था को हर हाल में बरकरार रखने के लिए शव को सीधे रामघाट भेजा गया, जहां भारी सुरक्षा के बीच उसका अंतिम संस्कार संपन्न हुआ।

घायल जांबाज एसओ का हाल जानने पहुंचे डीआईजी, घटनास्थल का किया मुआयना

​          इस पूरे घटनाक्रम के बीच पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG) वाराणसी परिक्षेत्र, श्री वैभव कृष्ण खुद मोर्चे पर उतरे। उन्होंने जिला अस्पताल जौनपुर पहुंचकर बदमाशों की गोलियों का डटकर मुकाबला करने वाले और मुठभेड़ में घायल हुए लाइन बाजार थाना प्रभारी श्री के.पी. सिंह का हालचाल जाना तथा उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की। इसके बाद डीआईजी ने सीधे एनकाउंटर वाली जगह का बारीकी से निरीक्षण किया और दूल्हा हत्याकांड में फरार चल रहे अन्य आरोपियों की गर्दन तक पहुंचने के लिए मातहत अधिकारियों को दो-टूक और कड़े दिशा-निर्देश जारी किए।

आधी रात को गूंजी थीं गोलियां, बुलेटप्रूफ जैकेट ने बचाई दरोगाओं की जान

​        गौरतलब है कि बीते 24/25 मई की दरमियानी रात को खेतासराय थाना क्षेत्र में पुलिस ने बदमाशों की घेराबंदी की थी। खुद को घिरा देख शातिर अपराधियों ने पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने भी आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई की, जिसमें 1 मई को शादी के मंडप में दूल्हे आजाद बिंद की बेरहमी से हत्या करने वाला मुख्य आरोपी रवि यादव गंभीर रूप से घायल हो गया था, जिसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस खूनी मुठभेड़ में बदमाशों की गोली लगने से थाना प्रभारी के.पी. सिंह घायल हुए, जबकि उपनिरीक्षक प्रकाश शुक्ला और प्रवीण यादव की बुलेट प्रूफ जैकेट पर गोलियां लगीं, जिससे उनकी जान बाल-बाल बची। एनकाउंटर के बाद से ही इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।

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Author: fastblitz24

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