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व्यासपीठ से बही मानस की रसधारा
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पुरुषोत्तम मास के नौवें दिन उमड़ी भक्तों की भारी भीड़, शिव पुराण पाठ और भंडारे में उमड़ा जनसैलाब

जौनपुर. पवित्र पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर उमरछा स्थित मृत्युञ्जय महादेव धाम में भक्ति और अध्यात्म की अविरल धारा बह रही है। धाम में चल रहे धार्मिक अनुष्ठानों के नवें दिन आज सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी, जिससे पूरा परिसर ‘हर-हर महादेव’ और ‘जय श्री राम’ के जयघोष से गुंजायमान हो उठा।


सुबह हुआ सामूहिक मंत्र जाप, लोक कल्याण के लिए रुद्राभिषेक
अनुष्ठान के नवें दिन की शुरुआत सुबह पंडित अभिनव मिश्र के आचार्यत्व में सामूहिक ‘ॐ नमः शिवाय’ महामंत्र के जाप से हुई। इस मुख्य अनुष्ठान में मुख्य रूप से सूर्यनाथ शुक्ल, शिवमुनि, अरविंद सिंह, नरेंद्र सिंह, ज्योति शुक्ल और शिवानी सिंह ने सपत्नीक एवं सपरिवार सहभागिता की। इसके पश्चात क्षेत्र में सुख-समृद्धि और लोक कल्याण की कामना को लेकर पंडित अभिनव मिश्र द्वारा विशेष रुद्राभिषेक संपन्न कराया गया तथा शिव पुराण का पाठ किया गया।



व्यासपीठ से गूंजी श्री राम-सीता विवाह की मंगल ध्वनि
रामचरितमानस मास परायण के नवें दिन व्यासपीठ से कथाव्यास पंडित श्रेय मिश्र ने अपने सहयोगी कैलाश शुक्ल, हीरामणी उपाध्याय और रामसागर शुक्ल के साथ नवम विश्राम तक की कथा का संगीतमय रसपान कराया। जैसे ही कथा में प्रभु श्री राम और माता सीता के विवाह का पावन प्रसंग आया, पूरा पंडाल झांझ-मंजीरों की थाप और मंगल गीतों से सराबोर हो गया। राम-सीता विवाह के अलौकिक प्रसंग को सुनकर उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर होकर झूम उठे।
“पुरुषोत्तम मास में शिव आराधना और श्री राम कथा का श्रवण अनंत पुण्यों को देने वाला है। मृत्युञ्जय महादेव धाम में हो रहे इन आयोजनों का उद्देश्य क्षेत्र में सुख, समृद्धि और सनातन संस्कारों का प्रसार करना है, जो हमारी युवा पीढ़ी को जड़ों से जोड़ते हैं।”
— सुशील कुमार उपाध्याय (व्यवस्था प्रमुख व पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष)
भंडारे में भक्तों ने ग्रहण किया प्रसाद
इस धार्मिक महामहोत्सव में क्षेत्र के प्रबुद्ध जनों और श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। मुख्य रूप से रमाशंकर उपाध्याय, प्रभाकर शुक्ल, लालप्रताप सिंह, सतीश कुमार उपाध्याय, ओमप्रकाश सिंह, राजेश श्रीवास्तव (बच्चा भईया एडवोकेट), राजन सिंह, प्रेम चंद्र शर्मा, पद्मा उपाध्याय, नीलम, सरोज सहित बड़ी संख्या में मातृशक्ति और पुरुष श्रद्धालु उपस्थित रहे। कथा विश्राम के बाद सभी भक्तों ने कतारबद्ध होकर महाप्रसाद ग्रहण किया।
Author: fastblitz24


