
विद्युत विभाग के निकम्मेपन ने उजाड़े हंसते-खेलते घर; 10 दिन से पनौली गाँव में ‘अंधेरराज’, गर्मी से तिलमिलाईं आधी आबादी ने ससुराल को कहा ‘बाय-बाय’
जौनपुर (खुटहन)। यूपी के जौनपुर में बिजली विभाग की लापरवाही ने अब लोगों के घरों में ‘पारिवारिक भूचाल’ ला दिया है! खुटहन क्षेत्र के पनौली गाँव में बिजली क्या गुल हुई, पतियों के आंगन सूने हो गए। रिकॉर्ड तोड़ गर्मी और ऊपर से विभाग के निकम्मेपन से त्रस्त होकर गाँव की नई नवेली दुल्हनें और भाग्यशालिनी पत्नियां अपने पतियों को भगवान भरोसे छोड़, बोरिया-बिस्तर समेटकर मायके के लिए रवाना हो गई हैं। जौनपुर के इतिहास में यह शायद पहला ऐसा ‘विद्युत कांड’ है, जहां बिजली कटौती ने पतियों से उनकी पत्नियां ही छीन लीं!

निकम्मा विभाग, बेबस पति: 10 दिन से ‘नरक’ बना पनौली गाँव
गंभीर लापरवाही का केंद्र बना है खुटहन विकास खंड का पनौली गाँव, जहां पिछले 10 दिनों से मुख्य ट्रांसफार्मर जलकर राख पड़ा है। जिम्मेदार अधिकारी कुंभकर्णी नींद सो रहे हैं और गाँव नरक बन चुका है। पसीने से तरबतर और उमस से तिलमिलाई महिलाओं का सब्र जब जवाब दे गया, तो उन्होंने ससुराल की इस ‘यातना’ से बेहतर मायके की ठंडी छांव को चुना और सीधे पलायन कर गईं।


ये हैं वो ‘पीड़ित’ पति, जिनकी पत्नियां गर्मी की भेंट चढ़ गईं!
सूत्रों के मुताबिक, गाँव में इस अनोखे पलायन को लेकर हड़कंप मचा हुआ है। ससुराल छोड़ मायके का रुख करने वाली वीरांगनाओं में मुख्य रूप से शामिल हैं:
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- विनीता वर्मा
- लीला (पत्नी केशराम)
- कुसुम (पत्नी शैलेश सिंह)
- आरती यादव (पत्नी उमेश यादव)
गाँव में कानाफूसी: अब तो गाँव के बाकी शादीशुदा पुरुष भी सदमे में हैं कि अगर दो-चार दिन और ट्रांसफार्मर नहीं बदला, तो कहीं उनका घर भी सूना न हो जाए!
डिजिटल रसोई ठप, बेजुबान बेहाल और फसलें हुईं स्वाहा!
बिजली विभाग के इस ‘पाप’ की सजा सिर्फ पतियों को ही नहीं, बल्कि पूरे गाँव के हर तबके को भुगतनी पड़ रही है:
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- भूखे पेट रहने की नौबत: आधुनिकता की दौड़ में गाँव की अधिकांश महिलाएं इलेक्ट्रिक चूल्हे (इंडक्शन) पर निर्भर थीं। बिजली गुल होने से रसोई में सन्नाटा पसर गया है, खाना बनाना जी का जंजाल बन चुका है।
- तड़पते बेजुबान: बेतहाशा तपिश के चलते दुधारू पशु बिना पानी और हवा के दम तोड़ रहे हैं, जिससे दूध उत्पादन ठप होने की कगार पर है।
- खेतों में जलती हाड़-तोड़ कमाई: ट्यूबवेल बंद पड़े हैं और पानी के अभाव में किसानों के सीने पर सांप लोट रहा है क्योंकि उनकी फसलें खेतों में ही जलकर खाक हो रही हैं।
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आक्रोश की ज्वाला: कब जागेगा अंधा प्रशासन?
१० दिनों से लगातार शिकायतें करने के बावजूद बिजली विभाग के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है। पनौली गाँव के ग्रामीणों का आक्रोश अब सातवें आसमान पर है। सवाल यह उठता है कि क्या बिजली विभाग अब ग्रामीणों के घरों को पूरी तरह उजाड़ने के बाद ही जागेगा? क्या इन पतियों को उनकी पत्नियां वापस दिलाने के लिए कोई अधिकारी जिम्मेदारी लेगा, या जनता यूं ही इस सरकारी टॉर्चर को सहती रहेगी?
Author: fastblitz24


