सामाजिक बदनामी के डर को दरकिनार कर पीड़ित महिलाएं आईं सामने
पुलिस ने अवैध धर्म परिवर्तन और उत्पीड़न मामले की जांच शुरू की
जौनपुर: उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में एक कथित तांत्रिक (झाड़-फूंक करने वाले) पर इलाज के बहाने महिलाओं के साथ छेड़छाड़ करने और एक सुनियोजित रैकेट के तहत जबरन धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। इस घटना से पूरे इलाके में भारी आक्रोश है और स्थानीय प्रशासन हाई अलर्ट पर है।

सामाजिक लोक-लाज और बदनामी के गहरे डर को तोड़ते हुए, पीड़ित महिलाओं के एक समूह ने मंगलवार को पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय पहुंचकर आरोपी के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की। आरोपी की पहचान आजाद खान उर्फ ‘बाबा’ के रूप में हुई है। शोषण का यह संगठित स्वरूप तब उजागर हुआ जब कई पीड़ित महिलाओं ने मीडिया के सामने आकर एक जैसे उत्पीड़न की आपबीती सुनाई।


कार्यप्रणाली: जबरदस्ती, धमकी और पैसे का लालच
यह पूरा विवाद मुख्य रूप से जफराबाद थाना क्षेत्र के चक महमुदपुर गांव से शुरू हुआ। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, मामला तब गंभीर हो गया जब स्थानीय निवासी गेंदा देवी ( परिवर्तित नाम )ने अपनी बहू के साथ हुए मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न की लिखित शिकायत दर्ज कराई।
”हम अपनी बहू की लंबे समय से चल रही बीमारी के इलाज के लिए आरोपी के पास गए थे। झाड़-फूंक के दौरान आरोपी ने दावा किया कि उस पर ‘जिन्न का साया’ है और इसका एकमात्र इलाज इस्लाम धर्म अपनाना है,” शिकायतकर्ता ने बताया।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि जब उन्होंने वहां जाना बंद कर दिया, तो आरोपी उनके घर तक पहुंच गया और धमकी तथा पैसों के लालच के बल पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने लगा।
चुप्पी टूटी: कई अन्य महिलाएं भी आईं सामने
गेंदा देवी के साहस के बाद, उसी क्षेत्र की दो-तीन अन्य महिलाएं भी सामने आईं। नाम न छापने की शर्त पर पत्रकारों से बात करते हुए, पीड़ितों ने आरोप लगाया कि इलाज और ‘धार्मिक अनुष्ठानों’ के बहाने आरोपी उन्हें गलत तरीके से छूता था और छेड़छाड़ करता था।
कानूनी और सामाजिक विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक ताने-बाने और बदनामी के डर के कारण महिलाएं अक्सर ऐसे अपराधों की रिपोर्ट तुरंत नहीं कर पातीं, जिसका फायदा ऐसे ढोंगी उठाते हैं।
उत्तर प्रदेश के कड़े कानूनों के तहत कानूनी निहितार्थ
जफराबाद पुलिस ने इन गंभीर आरोपों की सत्यता जांचने के लिए व्यापक तफ्तीश शुरू कर दी है। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, इन शिकायतों के आधार पर आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी धाराएं लागू होती है
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कथित अपराध |
लागू कानूनी प्रावधान |
संभावित सजा |
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जबरन / प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन |
उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम, 2021 |
3 से 10 वर्ष तक का कठोर कारावास |
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महिला की लज्जा भंग करना / छेड़छाड़ |
भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 354 / प्रासंगिक बीएनएस (BNS) धाराएं |
कारावास और जुर्माना |
जांच के दायरे में प्रशासनिक मुस्तैदी
हालांकि वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने इस मामले में निष्पक्ष और समयबद्ध जांच का आश्वासन दिया है, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर अंधविश्वास के उस काले कारोबार को सुर्खियों में ला दिया है जो समाज के कमजोर और संवेदनशील वर्गों को निशाना बनाता है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या जिला प्रशासन इन गंभीर आरोपों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए इस तरह के गुप्त और अवैध नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त कर पाएगा।
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Author: fastblitz24



