Fastblitz 24

खाकी का खौफ: फरियाद लेकर थाने पहुंचे डेंटिस्ट को जूते-बेल्ट उतरवाकर लॉकअप में डाला

 

जौनपुर DM से मिला डॉक्टरों का प्रतिनिधिमंडल

  • विवाद: पैतृक भूमि पर अवैध निर्माण की शिकायत करने गए थे शहीद स्वतंत्रता सेनानी के पौत्र डॉ. प्रभात विक्रम।
  • आरोप: तेजीबाजार थाना प्रभारी ने मोबाइल छीना, 3 घंटे जमीन पर बैठाया और धारा 151 में कर दिया चालान।
  • आक्रोश: घटना के विरोध में उतरे जनपद के दर्जनों डॉक्टर, निष्पक्ष जांच न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी।

​            जौनपुर। जनपद के तेजीबाजार थाने में एक सम्मानित डेंटल सर्जन के साथ पुलिसिया उत्पीड़न और मनमानी का बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। क्षेत्र के ग्राम हैदरपुर निवासी और सुविख्यात शहीद स्वतंत्रता संग्राम सेनानी जमींदार सिंह के पौत्र डॉ. प्रभात विक्रम सिंह (BDS) के साथ थाने में कथित तौर पर अभद्रता, मानसिक प्रताड़ना और अवैध हिरासत का कृत्य किया गया है। इस घटना को लेकर पूरे जिले के चिकित्सा जगत और आम जनता में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया है।

​न्याय मांगने गए थे डॉक्टर, मिला अपमान और लॉकअप

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार (25 मई) को डॉ. प्रभात विक्रम सिंह अपनी पैतृक भूमि पर हो रहे कथित अवैध निर्माण को रुकवाने और न्याय की गुहार लगाने तेजीबाजार थाने पहुंचे थे। आरोप है कि वहां तैनात थाना प्रभारी सत्येंद्र भाई पटेल ने उनकी फरियाद सुनने और कार्रवाई करने के बजाय उनके साथ बेहद अपमानजनक व्यवहार किया।

​पीड़ित पक्ष का आरोप है कि थाने के भीतर डॉ. विक्रम का मोबाइल फोन छीन लिया गया, उनके जूते और बेल्ट उतरवाए गए और उन्हें अपराधियों की तरह लगभग तीन घंटे तक लॉकअप में जमीन पर बैठने के लिए मजबूर किया गया। इतने से भी मन नहीं भरा तो पुलिस ने उल्टा शिकायतकर्ता डॉक्टर का ही धारा 151 के तहत शांतिभंग में चालान कर उन्हें जौनपुर भेज दिया।

​’जब देश के शहीदों का परिवार सुरक्षित नहीं, तो आम आदमी का क्या होगा?’

​इस बर्बर घटना के विरोध में आज डॉक्टरों के एक बड़े प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी (DM) जौनपुर से मुलाकात की और उन्हें एक विस्तृत ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग की।

“अगर देश की आजादी के लिए प्राण न्योछावर करने वाले शहीद परिवार के एक सम्मानित और शिक्षित चिकित्सक के साथ पुलिस ऐसा अमानवीय व्यवहार कर सकती है, तो थाने पर अपनी फरियाद लेकर जाने वाले एक साधारण गरीब नागरिक की स्थिति क्या होती होगी? यह सीधे तौर पर कानून के राज और लोकतांत्रिक मूल्यों का दमन है।”

—  अध्यक्ष  आईडीए

 

​इन बड़ी मांगों पर अड़ा डॉक्टरों का प्रतिनिधिमंडल:

  1. थाना प्रभारी पर हो एक्शन: तेजीबाजार थाना प्रभारी सत्येंद्र भाई पटेल की भूमिका की तुरंत उच्चस्तरीय जांच हो और उनके खिलाफ कठोर विभागीय व कानूनी कार्रवाई की जाए।
  2. सार्वजनिक माफी और न्याय: पीड़ित डॉक्टर को ससम्मान न्याय मिले और पुलिस अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करे।
  3. आंदोलन की चेतावनी: डॉक्टरों ने साफ कहा है कि यदि इस मामले में त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई, तो वे लोकतांत्रिक तरीके से सड़कों पर उतरकर व्यापक जनआंदोलन और विरोध प्रदर्शन करने के लिए विवश होंगे।

मौके पर ये रहे मौजूद:

जिलाधिकारी से मुलाकात के दौरान मुख्य रूप से आईडीए (IDA) प्रेसिडेंट डॉ. गौरव मौर्या, डॉ. रजनीश द्विवेदी, डॉ. संजीव पाण्डेय, डॉ. राहुल सिंह, डॉ. मोईन खान, डॉ. हर्ष, और डॉ. दीपक विश्वकर्मा सहित जनपद के दर्जनों प्रतिष्ठित डॉक्टर उपस्थित रहे।

fastblitz24
Author: fastblitz24

Spread the love

यह भी पढ़ें

टॉप स्टोरीज