जौनपुर। NEET पेपर लीक प्रकरण को लेकर मंगलवार को जौनपुर कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष घनश्याम सिंह एडवोकेट के नेतृत्व में आयोजित इस विरोध-प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफे की मांग की। यह प्रदर्शन दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलनरत छात्रों के समर्थन में किया गया।
आगे पढ़िए
प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने कहा कि NEET जैसी प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षा में पेपर लीक होना देश के लाखों छात्र-छात्राओं के भविष्य और पूरी शिक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना सरकार का नैतिक दायित्व है। इसके साथ ही अधिवक्ताओं ने सरकार से सोनम वांगचुक द्वारा उठाए गए मुद्दों पर भी शीघ्र और सकारात्मक निर्णय लेने की मांग उठाई।
बार सभागार में बैठक, पुलिस लाठीचार्ज का विरोध
मुख्य परिसर में मार्च से पूर्व, दोपहर 12 बजे कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के सभागार में एक आवश्यक बैठक बुलाई गई। बैठक की अध्यक्षता अध्यक्ष घनश्याम सिंह एडवोकेट ने की, जबकि संचालन महामंत्री मनोज कुमार मिश्र एडवोकेट द्वारा किया गया।बैठक में उपस्थित वकीलों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज पर गहरा आक्रोश और चिंता व्यक्त की। वकीलों का कहना था कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण आंदोलन का अधिकार सभी को है, इसलिए सरकार को दमनकारी नीति छोड़कर संवाद के जरिए छात्रों की समस्याओं का समाधान निकालना चाहिए।
सभागार में बैठक समाप्त होने के बाद दर्जनों अधिवक्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में जुलूस निकाला और जमकर नारेबाजी की। बार एसोसिएशन के आधिकारिक निर्णय के तहत मंगलवार को सभी अधिवक्ता पूर्ण रूप से न्यायिक कार्यों से विरत (कार्य बहिष्कार) रहे। अधिवक्ताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और व्यवस्था में जवाबदेही तय नहीं होती, वे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाते रहेंगे।

‘महत्वपूर्ण’ दस्तावेज़, दो कारें, शेयर बाज़ार: राम मंदिर दान ‘चोरी’ मामले में एसआईटी को अब तक क्या मिला है
चंदा गबन मामले के मुख्य आरोपियों में से एक रमाशंकर मिश्रा को अयोध्या पुलिस बुधवार को उस किराए के मकान में ले गई जहां वह



