
जौनपुर: सामाजिक बदलाव और शिक्षा के प्रति प्रतिबद्ध संस्था ‘ज़ेब्रा फाउंडेशन ट्रस्ट’ ने वनवासी (मुसहर) समाज के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। भारतीय शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. नागेंद्र प्रसाद सिंह (सेवानिवृत आई.ए.एस.) के मार्गदर्शन में संस्था द्वारा रविवार, 12 जुलाई 2026 को स्थानीय सी.एम.एम. इंग्लिश स्कूल, रशीदाबाद में ‘चतुर्थ वनवासी मेधा छात्रवृत्ति प्रतियोगी परीक्षा’ का आयोजन किया गया है।

यह परीक्षा पूर्वान्ह 9:00 बजे से 11:00 बजे तक आयोजित होगी, जिसमें जौनपुर, वाराणसी और आज़मगढ़ के हाईस्कूल व इंटरमीडिएट स्तर के विद्यार्थी अपनी मेधा का प्रदर्शन करेंगे। संस्था के अध्यक्ष संजय कुमार सेठ ने जानकारी दी कि तीनों जनपदों से कुल 30 मेधावियों (प्रत्येक जिले से 10) का चयन किया जाएगा। इन विद्यार्थियों को देश की स्वतंत्रता संग्राम में अपने प्राण न्योछावर करने वाले आदिवासी नायकों के नाम पर छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी, ताकि वे बिना किसी आर्थिक बाधा के उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकें।


‘ज़ेब्रा फाउंडेशन’ का यह आयोजन केवल एक परीक्षा नहीं, बल्कि हाशिए पर खड़े समाज को मुख्यधारा से जोड़ने का एक सुनियोजित प्रयास है।
- शैक्षिक सशक्तिकरण: वनवासी (मुसहर) समाज, जो अक्सर संसाधनों की कमी के कारण शिक्षा से वंचित रह जाता है, उसके लिए यह छात्रवृत्ति एक आर्थिक ढाल का कार्य करेगी।
- ऐतिहासिक गौरव से जुड़ाव: चयनित विद्यार्थियों को शहीद आदिवासी नायकों के नाम से सम्मानित करना न केवल उनका मनोबल बढ़ाएगा, बल्कि उन्हें देश के गौरवशाली इतिहास से भी परिचित कराएगा।
- क्षेत्रीय संतुलन: जौनपुर, वाराणसी और आज़मगढ़ जैसे जिलों में एक साथ यह पहल यह संदेश देती है कि विकास की किरण समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना आवश्यक है।
- समान अवसर की परिकल्पना: यह परीक्षा उन हजारों बच्चों को मंच प्रदान करती है जिनके पास प्रतिभा तो है, लेकिन साधन नहीं। यह प्रयास सामाजिक असमानता की खाई को पाटने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो सकता है।
Author: fastblitz24



