
जौनपुर। थाना साइबर क्राइम पुलिस टीम ने ओएलएक्स पर फर्जी आईडी बनाकर फ्लैट कमरा बुकिंग व सामान खरीदने.व बेचने के नाम पर हजारों लोगों के साथ साइबर फ्रॉड करने वाले गैंग के मुख्य सरगना समेत चार को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से ठगी में प्रयुक्त होने वाले इलेक्ट्रानिक उपकरण बरामद. करने का दावा किया है।


पुलिस जानकारी के मुताबिक 10 सितंबर को थाना साइबर क्राइम जनपद पुलिस टीम द्वारा ओएलएक्स पर फर्जी आईडी बनाकर हजारो लोगों के साथ साइबर फ्राड करने वाले गैंग के मुख्य सरगना समेत कुल चार लोगों गिरफ्तार कर लिया गया हैं। पुलिस की टीम प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए बताया कि पकड़े गए चारों आरोपियों द्वारा देश के भिन्न.भिन्न राज्यों में इनके विरुद्ध अब तक जांच से 15 साइबर ठगी एनसीआरपी कम्प्लेन के मामले दर्ज हैं।
10 सितंबर को थाना साइबर क्राइम प्रभारी निरीक्षक महेश पाल सिंह मय हमराह की संयुक्त टीम ने चांदपुर विश्वनाथ कोल्ड स्टोरेज जो बन्द गेट के पास मंदिर के पास से 7:15 बजे गिरफ्तार किया गया जिनके विरुद्ध मुकदमा अपराध संख्या . 11/25 धारा 318(4), 319(2), 336(3), 338, 340(2) BNS व 66C, 66D आईटी एक्ट थाना साइबर क्राइम पर पंजीकृत किया गया।
गिरफ्तार हुए चारों ठगों ने बताया गया कि हम चारों लोग मिलकर फोटोशाप के माध्यम से कूटरचित आधार कार्ड तैयार कर उससे रामदास से प्राप्त फर्जी सिम के द्वारा ओएलएक्स ऐप पर फ्लैट, कमरा बुकिंग व सामान खरीदने बेचने के नाम पर साइबर फ्रॉड का काम करते हैं। आगे उन्होंने बताया कि वह ऐप पर फर्जी सिम के माध्यम से आईडी बनाकर फ्लैट, कमरा व सामान दिखाने के नाम पर रजिस्ट्रेशन फीस एक हजार रुपये जमा करने के लिए बोलते थें। जैसे ही कस्टमर पैसा देने के लिए तैयार होता था तो चारों ठगों द्वारा जनसेवा केन्द्र, व आसपास के दुकानदार व परिचित लोगो के बैंक यूपीआई नंबर व क्यूआर कोड भेज कर पैसा मंगा लेते थे फिर कस्टमर को ब्लॉक कर देते थे। इसी प्रकार इन लोगो द्वारा अब तक हजारो लोगो के साथ लगभग 10 लाख रुपये तक की साइबर ठगी इन चारों लोगो द्वारा की गई। अपराधियों द्वारा बताया गया कि हम लोग कस्टमर से कम रुपये की ठगी इसलिए करते थे कि कम पैसे फ्राड होने की वजह से ज्यादातर लोग कम्प्लेन नही करते है।
फर्जी सिम प्राप्त करने का तरीका
रामदास प्रजापति से रामजदास जो पीओएस एजेन्ट है रामदास भोले भाले लोग जो उसके पीओएस पर सिम लेने आते थे उनका दो बार अंगूठा लगवाकर दो सिम जारी कर एक सिम कस्टमर को देता था दूसरा सिम ये लोग साइबर फ्राड में इस्तेमाल करते थे। फिल्हाल पुलिस आगे की कार्यवाही में जुट गई है।
Author: fastblitz24



