Fastblitz 24

निर्दोष पुत्र को दोष मुक्त कराने की मांग को लेकर दर-दर भटक रही मां

 

जौनपुर। जनपद के बदलापुर अन्तर्गत बबुरा निवासी छोटू हत्याकाण्ड में फंसाये गये आलोक मिश्रा को दोष मुक्त करने एवं मामले की सीबीआई या सीबीसीआईडी जांच कराने की मांग को लेकर आलोक की मां दर—दर की ठोकर खा रही है। पुलिस अधीक्षक एवं जिलाधिकारी के दरबार में पहुंचकर लिखित रूप से शिकायत करते हुये आलोक की मां रेखा पत्नी अखिलेश मिश्र ने न्याय की गुहार लगायी है। अपनी आंचल फैलाकर कलेजे के टुकड़े को निर्दोष साबित करने की बात कहते हुये उस मां के आंखों से केवल अश्रु धारा ही निकल रही है जिसकी हर एक बूंद बस यही कह रह है कि उनका बेटा निर्दोष है जिसको फंसाया जा रहा है। बदलापुर थाना क्षेत्र के खजुरन गांव निवासी रेखा का आरोप है कि उसके पति अखिलेश मिश्र मुम्बई में आटो रिक्शा चलाते हैं जिनके साथ उसका पुत्र आलोक भी रहता था जो बीते 14 दिसम्बर को घर आया था। वह इण्टरमीडिएट का छात्र है जिसकी 6 जनवरी को प्रैक्टिकल परीक्षा थी।

आगामी बोर्ड परीक्षा के मद्देनजर वह तैयारी कर रहा था कि बीते 30 दिसम्बर को बगल गांव बबुरा निवासी कमला प्रसाद तिवारी के यहां तेरहवी में गया था। लौटते समय रास्ते में स्वाधीन सिंह उर्फ छोटू नामक युवक को स्कूटी सवार गिरा देख इंसानियत के साथ उसके बड़े भाई को मोबाइल से सूचित किया जिस पर उसके परिजन मौके पर आ गये। उधर आलोक घर पहुंचा तो कुछ देर बाद पहुंची बदलापुर पुलिस उसे थाने ले गयी जहां उसके चाचा शैलेश मिश्र के पहुंचने पर बताया गया कि कुछ पूछताछ करने के बाद छोड़ दिया जायेगा लेकिन उसे छोड़ा नहीं गया। यह सिलसिला 3 जनवरी तक चला जिसके बाद आलोक को उसके चाचा को सौंप तो दिया गया लेकिन 4 जनवरी को आलोक को पुन: थाने बुला लिया गया। पीड़िता रेखा देवी की मानें तो पुलिस द्वारा कुछ ऐसी मांग की गयी जिससे पूरा करना असम्भव था जिस पर 5 जनवरी तक आलोक न छोड़ने पर परिजनों ने पुलिस अधीक्षक को रजिस्टर्ड डाक से स्थिति से अवगत कराया।

साथ ही 6 जनवरी को न्यायालय का दरवाजा खटखटाया गया जिससे आक्रोशित पुलिस ने मुझ पीड़िता को थाने ले गये जहां मेरे साथ मेरे पुत्र को बहुत बेरहमी से पीटा गया। साथ ही मेरे साथ बदतमीजी भी की गयी। इसके बाद मुझे तो वहां से भगा दिया गया लेकिन पुत्र आलोक को नहीं। 7 जनवरी को पता चला कि आलोक को क्षेत्र के बहरा पार्क से असलहा—कारतूस के साथ पकड़ा गया जिसके बाद मुकदमा दर्ज कर चालान न्यायालय भेज दिया गया। पुलिसिया उत्पीड़न से आहत पीड़िता रेखा देवी जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक सहित अन्य अधिकारियों के दरबार में न्याय की गुहार लगाती फिर रही है। वहीं इस बाबत जानकारी लेने के लिये बदलापुर थानाध्यक्ष के सीयूजी नम्बर पर सम्पर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन असफलता ही मिली।

fastblitz24
Author: fastblitz24

Spread the love

यह भी पढ़ें

टॉप स्टोरीज