जौनपुर। जिले में डाॅक्टर समीर हाशमी की दूसरी दर्दनाक मौत के बाद एक बार फिर जिला प्रशासन सख्त हो गया है। चाइनीज मांझे से हो रही लगातार जानलेवा घटनाओं को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी डॉ दिनेश चंद्र ने चाइनीज मांझे की खरीदने पर, बेचने पर भंडारण और उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ने बताया कि उल्लंघन करने वालों के खिलाफ़ सख्त कानूनी कार्यवाही की जाएगी।

बीते बुधवार 14 जनवरी को लाइनबाजार थाना क्षेत्र के प्रसाद इंटरनेशनल स्कूल के पास चाइनीज मांझे की चपेट में आने से 32 साल के डॉ समीर हाशमी की तेज़ धार वाले मांझे से दर्दनाक मृत्यु हो गई। इससे इससे पहले 11 दिसंबर 2025 को शाही ब्रिज क्षेत्र में चाइनीज मांझे की चपेट में आने से एक शिक्षक 40 साल के संदीप तिवारी की उपचार के दौरान मृत्यु हो चुकी है। जिला प्रशासन ने बताया कि इन दोनों घटनाओं ने चाइनीज मांझे के खतरे को उजागर किया है। इस हादसे को लेकर जिलाधिकारी ने बताया कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण ;एनजीटी, नई दिल्ली द्वारा ओए में पारित आदेश में 11 जुलाई 2017 के तहत सिंथेटिक सामग्री से बने नायलॉन धागे एवं चाइनीज मांझे पर पहले से ही प्रतिबंध लागू है। इसके बावजूद ऐसी घटनाओं का होना अत्यंत दुखद और चिंताजनक है।


यानी 8 साल पहले प्रतिबंध होने के बावजूद प्रदेश भर में इस प्राण घातक चाइनीज़ मांझे की बिक्री जारी रही है। जिलाधिकारी ने नगर मजिस्ट्रेट, समस्त उप जिलाधिकारी एवं क्षेत्राधिकारियों को निर्देशित किया है कि जनपद में विशेष अभियान चलाकर चाइनीज मांझे का विक्रय करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा आमजन को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया जाए। जिलाधिकारी ने आम नागरिकों से चाइनीज़ मांझे का प्रयोग न करने अपील की है। इसी दौरान उन्होंने मांझे की बिक्री अथवा उपयोग की सूचना तत्काल प्रशासन को देने की बात कही है। ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
Author: fastblitz24



