- चांदा में प्रेस वार्ता कर डॉ. सपना मिश्रा ने उठाई आवाज, सीबीआई से जल्द रिपोर्ट पेश करने की मांग
- संतों की स्मृति में गुरुकुल की स्थापना और चालक की बेटियों की शिक्षा की जिम्मेदारी उठाए सरकार
चांदा (सुलतानपुर):

महाराष्ट्र के बहुचर्चित पालघर संत हत्याकांड में न्याय की गूंज एक बार फिर तेज हो गई है। घटना को छह वर्ष से अधिक का लंबा समय बीत जाने के बाद भी पीड़ित परिवारों को सिर्फ आश्वासन ही मिले हैं, इंसाफ नहीं। इसी दर्द और न्याय की मांग को लेकर ‘संत सुशील गिरी जी महाराज धर्मोत्थान एवं मानव सेवा न्यास’ की कार्यकारी अध्यक्ष व दिवंगत संत सुशील गिरी महाराज की बहन डॉ. सपना मिश्रा का गुस्सा और दर्द एक बार फिर सामने आया है। बुधवार को चांदा में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने शासन-प्रशासन पर ढुलमुल रवैये का आरोप लगाते हुए मामले में त्वरित कार्रवाई की मांग उठाई।


’6 साल बीते, पर जख्म आज भी हरे’
विकासखंड प्रतापपुर कमैचा स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय सभागार में पत्रकारों से बातचीत करते हुए डॉ. सपना मिश्रा भावुक हो उठीं। उन्होंने उस खौफनाक मंजर को याद करते हुए कहा कि 16 अप्रैल 2020 को महाराष्ट्र के पालघर जिले के गड़चिंचले गांव में भीड़ ने अमानवीयता की सारी हदें पार कर दी थीं। वहां पूजनीय संत सुशील गिरी जी महाराज, कल्पवृक्ष गिरी जी महाराज और उनके बेकसूर चालक निलेश तेलगड़े की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। डॉ. मिश्रा ने रोष जताते हुए कहा, “छह साल से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन पीड़ित परिवार आज भी अदालत की चौखट पर न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं।”

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री से की मुलाकात, सौंपी मांगों की सूची
डॉ. सपना मिश्रा ने बताया कि संतों को न्याय दिलाने और दोषियों को फांसी के फंदे तक पहुंचाने के लिए वह लगातार संघर्ष कर रही हैं। इसी सिलसिले में उन्होंने हाल ही में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और सांस्कृतिक एवं माहिती तंत्रज्ञान मंत्री आशिष शेलार से भी मुलाकात की है। उन्होंने सरकार से अपील की है कि इस संवेदनशील और जघन्य प्रकरण में पूरी गंभीरता दिखाई जाए और फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलवाई जाए।
सीबीआई से लगाई गुहार, रखी ये प्रमुख मांगें
न्यास की कार्यकारी अध्यक्ष ने साफ शब्दों में कहा कि उनका संगठन विभिन्न मंचों के माध्यम से इस आवाज को दबाने नहीं देगा। उन्होंने इस दौरान केंद्र और राज्य सरकार के सामने कई बड़ी मांगें रखीं:
- सीबीआई जल्द सौंपे रिपोर्ट: मामले की जांच कर रही केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से अपील की गई कि वे अपनी जांच रिपोर्ट जल्द से जल्द न्यायालय में प्रस्तुत करें ताकि न्यायिक प्रक्रिया में तेजी आए।
- स्मारक और गुरुकुल का निर्माण: जिस घटनास्थल पर संतों का रक्त बहा, वहां आश्रम और भव्य स्मारक का निर्माण किया जाए। साथ ही प्रतापपुर कमैचा क्षेत्र में संतों की पावन स्मृति में एक आधुनिक गुरुकुल की स्थापना के लिए सरकारी अनुदान स्वीकृत हो।
- पीड़ित चालक के परिवार को मिले संबल: मृत चालक निलेश तेलगड़े के परिवार की सुध लेते हुए सरकार उनकी बेटियों की पूरी शिक्षा और भरण-पोषण की जिम्मेदारी अपने हाथों में ले।
- चौराहे पर लगे प्रतिमा: क्षेत्रीय जनभावनाओं का सम्मान करते हुए चांदा चौराहे पर पूज्य संत सुशील गिरी जी महाराज की भव्य प्रतिमा स्थापित की जाए।
प्रेस वार्ता के अंत में डॉ. सपना मिश्रा ने दृढ़ संकल्प दोहराते हुए कहा कि क्षेत्र के लाखों लोगों की आस्था और भावनाएं इस हत्याकांड से जुड़ी हुई हैं। जब तक संतों के हत्यारों को उनके किए की सजा नहीं मिल जाती, तब तक न्याय की यह लड़ाई थमेगी नहीं।
Author: fastblitz24



