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जौनपुर में एसयूसीआई (सी) का प्रदर्शन: बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ कलेक्ट्रेट पर गरजे सैकड़ों लोग

       जौनपुर। बेतहाशा बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, पेपर लीक और सरकारी संस्थानों के निजीकरण के खिलाफ मंगलवार को शहर का कलेक्ट्रेट परिसर जन आक्रोश से गूंज उठा। एसयूसीआई (सी) के बैनर तले आयोजित विशाल धरना-प्रदर्शन में शामिल सैकड़ों लोगों ने केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों को जनविरोधी करार दिया। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को संबोधित 10 सूत्रीय मांग पत्र जिलाधिकारी को सौंपा।

“अमीर और अमीर, गरीब और गरीब”

​धरना स्थल पर वक्ताओं ने तीखे प्रहार करते हुए कहा कि ‘डबल इंजन’ की सरकारें केवल कॉरपोरेट घरानों को लाभ पहुंचाने में व्यस्त हैं। राज्य सचिव रविशंकर मौर्य ने विश्व असमानता रिपोर्ट 2026 का हवाला देते हुए कहा कि देश की 40 फीसदी संपत्ति महज 1 फीसदी अमीरों के कब्जे में है, जबकि आधी आबादी महज 6 फीसदी संसाधनों पर गुजर-बसर करने को मजबूर है। उन्होंने कहा कि मेहनतकश वर्ग के लिए दो वक्त की रोटी जुटाना भी दूभर हो गया है।

शिक्षा और स्वास्थ्य पर ‘निजीकरण’ की मार

​जिला सचिव अशोक कुमार खरवार ने प्रदेश सरकार पर शिक्षा के बाजारीकरण का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “उत्तर प्रदेश में 27,000 सरकारी स्कूलों को बंद करने का निर्णय गरीब बच्चों के भविष्य पर कुठाराघात है।” वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि सरकारी संस्थानों को बंद कर निजीकरण को बढ़ावा देने से गरीब और मध्यम वर्गीय अभिभावक आर्थिक तंगी की चपेट में आ गए हैं।

चरमराई कानून-व्यवस्था पर जताई चिंता

​प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर भी सरकार को घेरा। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि प्रदेश में भ्रष्टाचार, चोरी, डकैती और हत्या की घटनाओं पर अंकुश लगाने में सरकार पूरी तरह विफल रही है। आम जनता असुरक्षा के साये में जीने को विवश है।

आंदोलन ही एकमात्र रास्ता

​कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीपति सिंह ने की, जबकि मंच संचालन दिलीप कुमार खरवार ने संभाला। वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि जब तक सरकार अपनी जनविरोधी नीतियां वापस नहीं लेती, तब तक जन आंदोलन का सिलसिला जारी रहेगा। उन्होंने जनता से आह्वान किया कि अधिकारों की रक्षा के लिए अब संघर्ष ही एकमात्र विकल्प है।

​इस अवसर पर प्रवीण शुक्ल, इन्दुकुमार शुक्ल, प्रमोद कुमार शुक्ल, संतोष कुमार प्रजापति, राजबहादुर विश्वकर्मा, सुरेश मौर्य समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।

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Author: fastblitz24

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