● नारी शक्ति वंदन अधिनियम के विरोध में सपा-कांग्रेस के कृत्य से महिलाओं में भारी आक्रोश
● मोदी सरकार के ऐतिहासिक कदम को रोकने की साजिश के खिलाफ लोहिया पार्क में 11 मई से गूंजेगी ‘रणभेरी’

जौनपुर (ब्यूरो): केंद्र की मोदी सरकार द्वारा महिलाओं को राजनीति में उचित भागीदारी देने के संकल्प के साथ लाए गए ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023’ पर अब सियासत गरमा गई है। लोकसभा और राज्यों की विधानसभाओं में 2029 से महिला आरक्षण लागू करने के उद्देश्य से लाए गए इस बिल का सपा, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों द्वारा विरोध किए जाने के बाद देश की मातृशक्ति में गहरा रोष व्याप्त है। महिलाओं ने इसे अपने अधिकारों के प्रति ‘घोर अन्याय’ करार देते हुए विपक्ष के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

विपक्ष का गैर-जिम्मेदाराना रवैया: पंकज मिश्रा
स्थानीय नेता पंकज मिश्रा ने तीखे प्रहार करते हुए कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए ऐतिहासिक बिल लाए, तो सपा और कांग्रेस सहित पूरे विपक्ष ने गैर-जिम्मेदाराना रवैया अपनाते हुए इसके विरोध में मतदान किया। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों का यह कृत्य केवल राजनीतिक द्वेष नहीं, बल्कि देश की आधी आबादी के अधिकारों पर सीधा हमला है। आज देश भर की महिलाओं के मन में कांग्रेस और सपा के प्रति गहरा आक्रोश और नफरत की लहर है।


11 मई से शुरू होगा ‘न्याय का संग्राम’
विपक्षी दलों के इस महिला विरोधी रवैये के खिलाफ अब सड़कों पर उतरने की तैयारी कर ली गई है। पंकज मिश्रा ने बताया कि महिला आरक्षण विधेयक का विरोध करने वाले दलों को सबक सिखाने के लिए क्षेत्र की महिलाओं द्वारा एक विशाल क्रमिक धरना कार्यक्रम आयोजित किया जाना सुनिश्चित हुआ है।
धरना प्रदर्शन का विवरण:
- दिनांक: 11 मई से 15 मई (प्रतिदिन)
- समय: सुबह 11:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक
- स्थान: कृषि भवन के बगल में स्थित लोहिया पार्क
पंकज मिश्रा ने क्षेत्र की सभी जागरूक महिलाओं और बहनों से आह्वान किया है कि वे अधिक से अधिक संख्या में लोहिया पार्क पहुँचकर विपक्ष के इस ‘अन्याय’ के विरुद्ध अपनी आवाज बुलंद करें। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक विपक्षी दल अपनी इस गलती के लिए माफी नहीं मांगते और महिलाओं के हक का समर्थन नहीं करते, यह आंदोलन थमेगा नहीं।
Author: fastblitz24


