
जौनपुर। चंदवक में मारपीट के घायल परिवार एफआईआर दर्ज करवाने पहुंचा तो, एसएचओ ने डांट-फटकार थाने से भगा दिया। एसएचओ का कहना है कि तुम लोगों ने बीरीबारी में गंध मचा रखे हो। इसके बाद पीड़ित परिवार जिला अस्पताल में इलाज करवाने चला गया। पुलिस ने पीड़ित परिवार पर ही उल्टे एफआईआर दर्ज कर दिया है। पीड़ित परिवार ने एसपी को प्रार्थना-पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई।


चंदवक थाने के बौरीबारी रसड़ा गांव निवासी गीता देवी पत्नी जगजीवन का पड़ोसी से जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। इस जमीन पर 6 साल से मुकदमा चल रहा है। आरोप है विवादित जमीन पर आरोपी निर्माण कार्य कर रहे थे। पीड़िता के शिकायत पर पहुंचे लेखपाल और चौकी इंचार्ज ने निर्माण कार्य को रोक दिया। निर्माण कार्य रूकने से गुस्साएं पड़ोसियों ने पीड़ित परिवार पर हमला कर दिया। घर में घुसकर दंपति और उसके दोनों बच्चों को लाठी-डंडे और ईंट से बुरी तरीके से पिटा।
मारपीट में घायल परिवार ने चौकी इंचार्ज और थानाध्यक्ष को फोन किया तो, उन्होंने थाने में आकर प्रार्थना-पत्र देने को कहा। थाने पहुंचे पीड़ित परिवार को थानाध्यक्ष सत्यप्रकाश सिंह ने डांट-फटकार लगाते हुए थाने से भगा दिया। उन्होंने कहा- ‘तुम लोगों ने बीरीबारी में गंध मचा रखे हो।
महिला के बड़े बेटे वंशधारी सेठ ने बताया कि पुलिस ने पड़ोसियों के तहरीर पर हमारे ही परिवार के खिलाफ केस दर्ज कर दिया है। उन्होंने आगे कहा कि मजबूर होकर परिवार को लेकर जिला अस्पताल पहुंचा, जहां छोटे भाई की इलाज जारी है। पीड़ित परिवार ने एसपी को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई। वहीं, केराकत सीओ अजीत कुमार रजक ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है।
Author: fastblitz24

