न्यू दिल्ली: भारत की ग्रैंडमास्टर कोनेरू हंपी ने जॉर्जिया के बाटूमी में चल रहे फिडे महिला शतरंज विश्व कप में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। वह इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बन गई हैं। हंपी ने अपनी शानदार रणनीति और दृढ़ संकल्प से यह मुकाम हासिल किया, जिससे देश गौरवान्वित हुआ है।

क्वार्टर फाइनल में हंपी का मुकाबला चीन की आई एम सांग यूजिन से हुआ। इस रोमांचक मुकाबले में हंपी ने अपनी खेल पर नियंत्रण बनाए रखते हुए ड्रॉ खेला, जिससे उन्हें सेमीफाइनल में जगह बनाने में मदद मिली। यह जीत उनकी रणनीतिक सोच और दबाव में बेहतरीन प्रदर्शन करने की क्षमता को दर्शाती है। उल्लेखनीय है कि यूजिन ने खुद ड्रॉ की मांग की, जो हंपी की मजबूत स्थिति को दर्शाता है। दो गेम की इस सीरीज का पहला मुकाबला हंपी ने जीत लिया था, जिससे दूसरे गेम में उन्हें ड्रॉ की जरूरत थी, और उन्होंने इसे बखूबी अंजाम दिया।
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कोनेरू हंपी की यह उपलब्धि भारतीय शतरंज के लिए एक बड़ा मील का पत्थर है। यह दर्शाता है कि भारतीय महिला खिलाड़ी विश्व मंच पर कितनी सशक्त होती जा रही हैं। सेमीफाइनल में उनका मुकाबला चीन की **ली टिंगजी** से होगा, जिन्होंने दमदार खेल दिखाते हुए स्थानीय पसंदीदा नाना जागनिद्जे को मात दी है।
इस विश्व कप में भारत से एक और महिला खिलाड़ी सेमीफाइनल में जगह बना सकती है। हरीका द्रोणावली और उभरती हुई स्टार दिव्या देशमुख के बीच एक और रोमांचक क्वार्टर फाइनल मुकाबला चल रहा है। दिव्या ने सफेद मोहरों से आधुनिक तरीका अपनाया, लेकिन अनुभवी हरीका ने उन्हें जीतने का कोई मौका नहीं दिया। यह मुकाबला 60 बाजी तक चला और जल्द ही इसके विजेता का पता चल जाएगा, जो टान झोंगी का इंतजार करेंगे।
Author: fastblitz24



