जौनपुर: जमीन के नाम पर 7 लाख रुपये लेकर धोखा देने और उसे न लौटाने के मामले में जौनपुर सिविल कोर्ट के न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम ने कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने सरपतहां थाना प्रभारी को संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। यह फैसला उन लोगों के लिए एक चेतावनी है जो ज़मीन के सौदों में धोखाधड़ी करते हैं और दूसरों के पैसे हड़प लेते हैं।

मामला सरपतहां थाना क्षेत्र के रूधौली गांव का है। गांव निवासी राजेश पुत्र राम अजोर ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम सिविल कोर्ट में एक वाद (मुकदमा) दायर किया था। राजेश ने अपने वाद में बताया कि गांव के ही गंगा प्रसाद पुत्र रमाकांत, अनूप उर्फ सिंकू पुत्र जमुना प्रसाद, हरिश्चंद्र उर्फ कल्लू पुत्र प्रहलाद और कौशल जैसे कुछ लोग एक गिरोह के रूप में ज़मीन की खरीद-फरोख्त का काम करते हैं। राजेश का आरोप है कि इन लोगों ने उसे ज़मीन बेचने के बहाने 7 लाख रुपये लिए थे। लेकिन, उन्होंने न तो ज़मीन का बैनामा किया और न ही उसका पैसा वापस लौटा रहे हैं। जब राजेश अपना पैसा वापस मांगता है, तो वे उसे गाली-गलौज देते हैं और झगड़ा करने पर उतारू हो जाते हैं। राजेश ने बताया कि उसने इस संबंध में सरपतहां थाने और पुलिस अधीक्षक कार्यालय में कई बार प्रार्थना पत्र दिए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिसके बाद उसने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।
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राजेश की ओर से अधिवक्ता नवनीत कुमार यादव ने कोर्ट में जोरदार बहस की। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम ने दाखिल वाद को स्वीकार करते हुए सरपतहां थाने से इस मामले में किसी पूर्व मुकदमे की जानकारी मांगी थी। जब थाने द्वारा यह सूचित किया गया कि अभी तक कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है, तो न्यायालय ने तत्काल संज्ञान लेते हुए थाना सरपतहां के प्रभारी निरीक्षक को आदेश दिया कि उपरोक्त प्रतिवादियों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज करें, मामले की विवेचना करें, और एफआईआर की एक प्रति न्यायालय को भी उपलब्ध कराएं।
Author: fastblitz24



